गुजरात में गिर सोमनाथ जिले में पुलिस ने एक दक्षिणपंथी महिला कार्यकर्ता के खिलाफ हेट स्पीच का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि गुरुवार की रात रामनवमी के अवसर पर आयोजित 'हिंदू सम्मेलन' में दक्षिणपंथी कार्यकर्ता काजल हिंदुस्तानी द्वारा कथित रूप से नफरती भाषण देने से तनाव फैल गया था। मामला दर्ज करने के साथ ही पुलिस ने उना कस्बे में सांप्रदायिक झड़प के बाद दंगे के आरोप में 50 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया है।
50-60 लोगों को लिया हिरासत में
पुलिस अधीक्षक श्रीपाल शेषमा ने मामले में कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमने दो प्राथमिकी दर्ज की हैं। एक काजल हिंदुस्तानी के खिलाफ हेट स्पीच के लिए है। दूसरा दंगा करने के लिए भीड़ के खिलाफ है। उन्होंने आगे बताया कि हमने 50 से 60 लोगों को हिरासत में लिया है। साथ ही मौके की सीसीटीवी फुटेज देख रहे हैं। हम स्थानीय खुफिया जानकारी का उपयोग कर रहे हैं और आगे की कार्रवाई के लिए हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि आरोपियों को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि इलाके में तनाव को देखते हुए हमने सतर्कता बरतते हुए पुलिस कर्मियों को संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात किया है। अब तक राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) की दो टीमों को ऊना में तैनात किया गया है। साथ ही सभी अधिकारी कॉल पर उपलब्ध हैं और सभी आपात कॉल्स से तत्काल निपटा जा रहा है।
क्या है पूरा मामला
कहा जा रहा है कि रामनवमी वाले दिन दक्षिणपंथी कार्यकर्ता काजल हिंदुस्तानी ने कथित तौर पर भड़काऊ भाषण दिया था। जिसके बाद ऊना शहर में हड़कंप मच गया था। तनाव के बीच ऊना शहर के एक संवेदनशील इलाके में शनिवार रात दो समूहों ने एक-दूसरे पर पथराव किया था। जिसके बाद सांप्रदायिक झड़प भी हुई थी। इस बीच, पुलिस ने ऊना कस्बे में शनिवार रात के दौरान तलाशी अभियान चलाया। जिसमें कुछ घरों से तलवारें, छड़ें और ऐसी अन्य वस्तुएं बरामद कीं।
कराई गई थी शांति समिति की बैठक
काजल हिंदुस्तानी के भाषण से उपजे तनाव को देखते हुए पुलिस ने सतर्कता बरतते हुए व्यापारियों से बाजार बंद करवाते हुए शनिवार को एक शांति समिति की बैठक बुलाई थी। इसमें दोनों समुदायों के प्रतिनिधियों को शामिल किया गया था, जिन्होंने सामान्य स्थिति सुनिश्चित की थी। पुलिस ने बताया कि बैठक के कुछ घंटे बाद सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील इलाके में झड़प हो गई। पुलिस ने यह भी कहा कि शांति समिति की बैठक में भाग लेने वाले नेता एक प्रस्ताव पर पहुंचे, लेकिन संदेश युवा पीढ़ी तक नहीं पहुंचा और इसके कारण पथराव की घटना हुई।
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वडोदरा में हिंसा पर भी की गई कार्रवाई
इस बीच, राज्य के वडोदरा शहर में पुलिस ने शनिवार रात एक दक्षिणपंथी कार्यकर्ता रोहन शाह और कुछ अन्य लोगों को गुरुवार को शहर में रामनवमी के जुलूस के दौरान नफरती भाषण देने के आरोप में गिरफ्तार किया। उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 153 (ए) (धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, निवास के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और 34 (सामान्य इरादे) के तहत मामला दर्ज किया गया था। कहा जा रहा है कि रोहन शाह विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के नेता हैं।
साथ ही वडोदरा पुलिस ने यह जानकारी भी दी कि उन्होंने सांप्रदायिक दुश्मनी फैलाने के इरादे से फेसबुक पर एक फर्जी वीडियो पोस्ट करने के आरोप में एक मोहम्मद वोरा को भी गिरफ्तार किया है।
गौरतलब है कि वडोदरा में गुरुवार को रामनवमी के दो जुलूसों पर पथराव की घटना हुई थी। जिससे इलाके में हिंसा फैल गई थी और दो समुदायों के लोग आपस में भिड़ गए। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने के बाद दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है।