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Tamil Nadu: चुनाव के बाद अन्नाद्रमुक में फूट, पलानीस्वामी और वेलुमणि को सदन में नेता बनाने पर विधायक दो-फाड़

Tue, 12 May 2026 04:29 AM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई

सार

तमिलनाडु में एआईएडीएमके के भीतर मतभेद गहरा गए हैं। पार्टी के विधायक दो गुटों में बंट गए हैं, जिनमें एक गुट पलानीस्वामी को और दूसरा वेलुमणि को विधानसभा में दल का नेता बनाने की मांग कर रहा है। विधानसभा सत्र में दोनों गुट अलग-अलग पहुंचे। पार्टी की चुनावी हार के बाद नेतृत्व बदलने की मांग तेज हो गई है।
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पलानीस्वामी और वेलुमणि - फोटो : ANI
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विस्तार
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तमिलनाडु की प्रमुख विपक्षी पार्टी अन्नाद्रमुक के भीतर आंतरिक कलह सोमवार को और गहरा गया। पार्टी के नवनिर्वाचित विधायक दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट ने एडप्पाडी के. पलानीस्वामी और दूसरे ने एसपी वेलुमणि को सदन में पार्टी का नेता घोषित करने की मांग की है। 17वीं तमिलनाडु विधानसभा के पहले सत्र के दौरान पार्टी की यह फूट साफ तौर पर नजर आई।
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प्रोटेम स्पीकर को सौंपा गया पत्र
पूर्व मंत्री सीवी षणमुगम के नेतृत्व वाले एक समूह ने प्रोटेम स्पीकर एमवी करप्पैया को पत्र सौंपकर एसपी वेलुमणि को अन्नाद्रमुक के विधायक दल का नेता घोषित करने का आग्रह किया। सीवी षणमुगम के नेतृत्व वाले इस गुट को कथित तौर पर 30 विधायकों का समर्थन प्राप्त है। वहीं दूसरी ओर, पूर्व मंत्री एन थलवई सुंदरम के नेतृत्व वाले गुट ने पार्टी महासचिव पलानीस्वामी को नेता बनाए रखने का अनुरोध किया है। इस गुट को 17 विधायकों का समर्थन प्राप्त बताया जा रहा है।
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पलानीस्वामी के नेतृत्व पर उठे सवाल
विधानसभा चुनावों में हार के बाद पलानीस्वामी के नेतृत्व पर सवाल उठने लगे हैं। अन्नाद्रमुक ने 234 में से 167 सीटों पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उसे केवल 47 सीटों पर जीत मिली। सीवी षणमुगम के नेतृत्व वाले गुट के कुछ विधायकों ने पलानीस्वामी से इस्तीफे की मांग की है। ज्ञात हो कि सीवी षणमुगम और वेलुमणि जैसे वरिष्ठ नेताओं ने चुनाव परिणामों के बाद पलानीस्वामी द्वारा बुलाई गई बैठकों से भी दूरी बनाए रखी थी।
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गतिरोध दूर नहीं हुआ तो पार्टी में बड़ी टूट संभव
पार्टी के भीतर एक बड़ा विवाद विजय के नेतृत्व वाली पार्टी टीवीके को समर्थन देने को लेकर भी है। षणमुगम और वेलुमणि समर्थित गुट टीवीके को बाहर से समर्थन देने के पक्ष में है, जबकि दूसरा गुट विरोध कर रहा है। यदि यह गतिरोध दूर नहीं हुआ, तो पार्टी में बड़ी टूट की संभावना है।

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