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सिर्फ 1 फीसदी धनकुबेरों के पास भारत की 58 प्रतिशत संपत्ति

Wed, 18 Jan 2017 02:39 AM IST
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस/ दावोस
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मुकेश अंबानी - फोटो : file photo
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भारत में अमीर व गरीब के बीच बढ़ती असमानता के प्रमाण के रूप में ऑक्सफेम की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। इसके अनुसार देश में 58 प्रतिशत लोगों की दौलत सिर्फ 1 फीसदी धन कुबेरों के पास सिमटी है, जबकि पूरी दुनिया के मात्र 8 लोगों के पास दुनिया की आधी आबादी की दौलत संग्रहीत है। 
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इस चैरिटी संस्था के मुताबिक भारत के शीर्ष 8 धनकुबेर और दुनिया के शीर्ष आठ धनकुबेरों में एक भी महिला शामिल नहीं है। दावोस में विश्व आर्थिक फोरम की बैठक शुरू होने से ठीक पहले जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की महज 1 प्रतिशत आबादी ने देश की 58 फीसदी संपत्ति पर अपना कब्जा जमाया हुआ है।

यह आंकड़ा 50 फीसदी के वैश्विक आंकड़े से भी अधिक है। ऑक्सफेम अध्ययन के मुताबिक भारत के 57 महा धनकुबेर ऐसे हैं जिनके पास देश की करीब 15 लाख करोड़ रुपए की संपत्ति है। इतनी ही राशि देश में उन 70 फीसदी लोगों के पास है जो आर्थिक 
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हैसियत से निचले पायदान पर खड़े हैं। अध्ययन के दौरान पूरे भारत के भीतर कुल 211 लाख करोड़ रु. की संपत्ति का आंकलन किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अकेले 8 लोगों के पास इतनी दौलत है जितनी नीचे के 50 फीसदी गरीबों के पास है। यानी दुनिया की आधी आबादी के पास जितनी संपत्ति है उतनी अकेले 8 धनकुबेरों के पास है। 

ऑक्सफेम की अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 84 फीसदी अरबपति हैं और इनके पास कुल 16 लाख करोड़ रु. की दौलत है। इन धनकुबेरों में सबसे ऊपर मुकेश अंबानी का नाम है जिनके पास 1.31 लाख करोड़ रु. की दौलत है। दूसरे नंबर पर दिलीप संघवी हैं जिनके पास 1.13 लाख करोड़ रु. की संपत्ति है। 1.02 लाख करोड़ रु. की दौलत के साथ अजीम प्रेमजी तीसरे नंबर के धनवान हैं।  
 

मानवीय अर्थव्यवस्था की वकालत

‘एन इकॉनमी फॉर 99 पर्सेंट’ नामक इस अध्ययन रिपोर्ट में ऑक्सफेम ने मानवीय अर्थव्यवस्था के निर्माण की वकालत की है। इसमें प्रत्येक अंतिम व्यक्ति को लाभ मिलेगा, जबकि फिलहाल चंद मुट्ठीभर धनकुबेरों अर्थव्यवस्था का लाभ उठा रहे हैं। रिपोर्ट कहती है कि वर्ष 2015 से इन 1 प्रतिशत धनकुबेरों ने दुनिया के शेष 99 प्रतिशत लोगों के बराबर की संपत्ति पर कब्जा कर रखा है। 

पहले से भी अधिक गरीब हुए दुनिया के आधे गरीब

विश्व आर्थिक फोरम की वार्षिक बैठक से ठीक पहले ऑक्सफेम ने कहा कि दुनिया में धन की खाई पहले से कहीं ज्यादा गहरी हुई है। भारत और चीन के नए आंकड़े बताते हैं कि दुनिया के आधे गरीब पहले से और अधिक गरीब हुए हैं। ऑक्सफेम ने इसे अशुभ बताया और कहा कि यदि यह आंकड़ा थोड़ा पहले मिल जाता तो पता चलता कि 2016 में इतनी ही दौलत नौ लोगों के पास होती। 

2010 में 43 लोगों के पास दुनिया के आधे लोगों के बराबर दौलत हुआ करती थी। उद्योगपतियों का चयन फोर्ब्स की अरबपतियों की सूची से किया गया है जिनमें माइक्रोसॉफ्ट के फाउंडर बिल गेट्स, फेसबुक के को-फाउंडर मार्क जुकरबर्ग और एमेजान के फाउंडर जेफ बेजोज शामिल हैं। ऑक्सफेम ने दुनिया में अमीर और गरीबों के बीच के व्यापक अंतर और मुख्यधारा की राजनीति में उत्पन्न हो रहे असंतोष को रेखांकित किया है। 

अपनी रिपोर्ट ‘एन इकॉनमी फॉर 99 पर्सेंट’ में ऑक्सफैम ने कहा है कि - ‘ब्रेक्जिट से लेकर डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति बनने की सफलता तक, नस्लवाद में वृद्धि और मुख्यधारा की राजनीति में अस्पष्टता चिंता का बड़ा कारण है। वहीं संपन्न देशों में अधिक से अधिक लोगों में यथा स्थिति बर्दाश्त न करने के संकेत भी अधिक दिख रहे हैं।’ इस सूची में माइक्त्रसेसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स करीब 5 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ शीर्ष पर हैं।
 
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इन 8 धनकुबेरों के पास है दुनिया की आधी दौलत

1. बिल गेट्स - 75 अरब डॉलर (करीब 5 लाख करोड़ रु.)
2. एमेन्सियो ऑर्टेगा - 67 अरब डॉलर (करीब 4.5 लाख करोड़ रु.)
3. वॉरेन बफेट - 61 अरब डॉलर (करीब 4.14 लाख करोड़ रु.)
4. कार्लोस स्लिम - 50 अरब डॉलर (करीब 3.6 लाख करोड़ रु.)
5. जेफ बेजोस - 45 अरब डॉलर (करीब 3 लाख करोड़ रु.)
6. मार्क जुकरबर्ग - 45 अरब डॉलर (करीब 3 लाख करोड़ रु.)
7. लैरी एलिसन - 44 अरब डॉलर (करीब 2.9 लाख करोड़ रु.)
8. माइकल ब्लूमबर्ग - 40 अरब डॉलर (करीब 2.7 लाख करोड़ रु.) 
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