रिचर्ड वर्मा ने भारत में अमेरिकी राजदूत के रूप में सेवा करने के लिए मिले अवसर को बेहद सौभाग्यशाली बताया है। उन्होंने कहा है कि भारत में माता-पिता की जन्मस्थली है और यह उनके लिए सौभाग्य की बात है कि उन्हें दो वर्ष तक यहां काम करने का मौका मिला।
अमेरिकी राजदूत ने कहा कि पिछले दो वर्षों में भारत और अमेरिका के बीच का रिश्ता अपनी एतिहासिक ऊंचाई पर पहुंचा है। उन्हें गर्व है कि इस उपलब्धि में उनकी टीम ने अपना भरपूर योगदान दिया। रिचर्ड वर्मा ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि उन्हें आगे क्या भूमिका दी जाएगी।
हालांकि उन्होंने आश्वस्त किया कि वह आगे भी भारत और अमेरिका के बीच मधुर संबंध बनाने के लिए समर्पित रहेंगे। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित उन तमाम लोगों का आभार व्यक्त किया है जिन्होंने बड़ी ईमानदारी के साथ पिछले कई वर्षों से दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई तक पहुंचाने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उस वक्त का फिर इंतजार रहेगा जब हम मिलकर काम कर सकें।