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Kolkata Doctor Case: झूठ का पर्दाफाश...परिजनों को पहली फोन कॉल में बताया बीमार, तीसरी में आत्महत्या

Fri, 30 Aug 2024 05:16 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, कोलकाता

सार

रिकॉर्डिंग के अनुसार, पीड़िता के परिजनों को घटना वाले दिन नौ अगस्त को सुबह एक घंटे में तीन फोन कॉल की गईं। पहले उन्हें बताया गया कि आपकी बेटी बीमार है, जल्द अस्पताल आ जाइए। तीसरी फोन कॉल में परिवार को पीड़िता के आत्महत्या करने की बात कही गई। 
 
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल - फोटो : ANI
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विस्तार
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आरजी कर मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर से दरिंदगी मामले में तीन ऑडियो रिकॉर्डिंग बृहस्पतिवार को सामने आईं, जिनमें पीड़ित परिवार से बोले गए झूठ का पर्दाफाश हो रहा है। इन रिकॉर्डिंग के अनुसार, पीड़िता के परिजनों को घटना वाले दिन नौ अगस्त को सुबह एक घंटे में तीन फोन कॉल की गईं। पहले उन्हें बताया गया कि आपकी बेटी बीमार है, जल्द अस्पताल आ जाइए। तीसरी फोन कॉल में परिवार को पीड़िता के आत्महत्या करने की बात कही गई। 

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हाईकोर्ट में भी पीड़ित पक्ष के वकील ने इसका दावा किया था। फोन कॉल में एक महिला के साथ पुरुष और एक अन्य महिला की आवाज सुनाई दे रही है। आवाज बंगाली में हैं। दावा है कि ये ऑडियो घटना के दिन पीड़िता के माता-पिता के साथ की अस्पताल की ओर से गई बातचीत की है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि ये तीनों ऑडियो क्लिप एक ही फोन कॉल का हिस्सा हैं या अलग-अलग फोन कॉल हैं।

पहली फोन कॉल

  • महिला की आवाज : आपकी बेटी की तबीयत खराब हो गई है। क्या आप लोग तुरंत आ सकते हैं?
  • पीड़िता के पिता : क्यों, क्या हुआ है?
  • महिला : उसकी तबीयत खराब है। हम उसे भर्ती कर रहे हैं। आप लोग क्या तुरंत आ सकते हैं?
  • पिता : क्या हुआ है, यह बताओ!
  • महिला : यह तो डॉक्टर बताएंगे जब आप लोग आएंगे। हमने आपका नंबर जुगाड़ किया और आप लोग जल्दी आ जाएं।

दूसरी फोन कॉल

  • महिला : आपकी बेटी की हालत बहुत खराब है। आप जितनी जल्दी हो सके आ जाइए! nपिता : क्या हुआ है, यह बताओ!
  • महिला : यह डॉक्टर बताएंगे। आप जल्दी यहां आ जाइए। nपिता : आप कौन हैं, यह बताइए?
  • महिला : मैं असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट हूं। मैं डॉक्टर नहीं हूं। nपिता : क्या वहां कोई डॉक्टर नहीं है?
  • महिला : हम आपकी बेटी को इमरजेंसी में ले आए हैं। आप आकर संपर्क करें।

तीसरी फोन कॉल 

  • महिला : शायद उसने आत्महत्या कर ली है। या मर गई है। पुलिस यहां है। हम अस्पताल में सभी के सामने हैं। हम फोन कर रहे हैं।

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दुष्कर्मी को फांसी देने वाला बिल 2 सितंबर को होगा पेश
पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने 2 सितंबर को विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाया है। इसमें दुष्कर्म के दोषियों को फांसी की सजा देने का प्रावधान करने वाला बिल पारित किया जाएगा। उधर, प्रशिक्षु डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या के विरोध में बृहस्पतिवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन जारी रहे। भाजपा ने मध्य कोलकाता के एस्प्लेनेड क्षेत्र में तो कांग्रेस ने उत्तरी हिस्से में कॉलेज स्क्वायर से श्यामबाजार तक रैली निकाली। उधर, राज्य के सरकारी अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल बृहस्पतिवार को 21वें दिन भी जारी रही। 

सीबीआई को सबूतों से छेड़छाड़ का संदेह  
महिला डॉक्टर से दुष्कर्म और हत्या मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो को सबूतों से छेड़छाड़ किए जाने का संदेह है। एजेंसी ने सोशल मीडिया पर प्रसारित 43 मिनट के वीडियो को अहम मान रही है। इसमें आरजी कर के पूर्व प्राचार्य संदीप घोष के करीबियों को घटना के बाद घटनास्थल पर देखा गया था। इस बीच घोष से लगातार 14वें दिन सीबीआई ने पूछताछ की। 

दो गार्डों का कराया पॉलिग्राफ टेस्ट
सीबीआई ने बृहस्पतिवार को अस्पताल में कार्यरत दो निजी गार्डों का पॉलिग्राफ टेस्ट कराया। टेस्ट के लिए सहमति लेने के लिए गार्डों को पहले कोलकाता की एक अदालत में पेश किया गया। अदालत की मंजूरी मिलने के बाद शाम को उनका पॉलिग्राफ टेस्ट हुआ। अब तक 10 लोगों का पॉलिग्राफ टेस्ट कराया जा चुका है।

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