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RG Kar Case: CBI ने इकट्ठा किए संजय रॉय के दांत के निशान; ट्रेनी डॉक्टर के शरीर पर मिले निशानों से होगा मिलान

Fri, 13 Sep 2024 01:44 AM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सीबीआई इस घटना की जांच कर रही है। इससे पहले, बुधवार को सीबीआई ने मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार आरोपी संजय रॉय से पूछताछ की थी। इसके अलावा केंद्रीय जांच एजेंसी की एक अन्य टीम ने सुबह चार जूनियर डॉक्टरों से भी पूछताछ की थी। 
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कोलकाता की घटना के विरोध में जारी प्रदर्शन - फोटो : पीटीआई
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विस्तार
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कोलकाता के आर जी कर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले को 30 दिन से भी ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन पीड़िता को न्याय के लिए लगातार प्रदर्शन हो रहा है। इस मामले में सीबीआई भी लगातार जांच और पूछताछ कर रही है। इस बीच, केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों ने गुरुवार को  इस घटना के मुख्य आरोपी संजय रॉय के दांतों के निशान लिए।

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इस बारे में सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच में संजय रॉय के दांतो के निशान बतौर सबूत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि मृतका प्रशिक्षु डॉक्टर के शरीर पर काटने के निशान पाए गए थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी इसके बारे में बताया गया था। ऐसे में अब मृतका के शरीर पर पाए गए निशानों का आरोपी के दांत के निशान से मिलान किया जाएगा। 

गौरतलब है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सीबीआई इस घटना की जांच कर रही है। इससे पहले, बुधवार को सीबीआई ने मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार आरोपी संजय रॉय से पूछताछ की थी। इसके अलावा केंद्रीय जांच एजेंसी की एक अन्य टीम ने सुबह चार जूनियर डॉक्टरों से भी पूछताछ की थी। 
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इतना ही नहीं, बाद में सीबीआई द्वारा कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (उत्तर) अभिषेक गुप्ता और डिटेक्टिव डिपार्टमेंट (डीडी) स्पेशल के डिप्टी कमिश्नर विदित राज भुंडेश से उसी जांच के हिस्से के रूप में पूछताछ की गई थी। पुलिसवालों से सीबीआई ने मामले में उनके द्वारा की गई जांच के बारे में जानकारी ली थी।  

डॉक्टरों का प्रदर्शन लगातार जारी
इस बीच, घटना में पीड़ित परिजनों के लिए न्याय की मांग कर रहे डॉक्टरों का प्रदर्शन लगातार जारी है। आज स्वास्थ्य भवन के सामने प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्टरों ने रात को एक बार फिर पत्रकार वार्ता करके चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो वे और 33 दिन तक सड़कों पर रहेंगे। जूनियर डॉक्टरों ने मीडिया के सामने कहा, हम नवान्न के दरवाजे तक पहुंचे थे। हम क्या चाहते थे? हमारे एक साथी के साथ जो अमानवीय घटना हुई है, उसके लिए न्याय चाहते थे। भविष्य में ऐसा फिर न हो, इसके लिए आश्वासन चाहते थे। इस घटना से जुड़े लोगों, जिन्होंने इसे छिपाने की कोशिश की, उन्हें सजा मांगी थी। हम मुख्यमंत्री की कुर्सी पर भरोसा करके ही वहां गए थे। पिछले 33 दिन से हम सड़क पर हैं। अगर जरूरत पड़ी तो और 33 दिन सड़क पर रहेंगे। लेकिन हमें न्याय चाहिए। हम कुर्सी नहीं चाहते।

राज्यपाल सीएम के साथ मंच साझा नहीं करेंगे
वहीं, आरजी कर मामले पर राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस ने आंदोलन का समर्थन किया। सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश में, राज्यपाल ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने का निर्णय लिया है। नाम न लेते हुए, उन्होंने 'लेडी मैकबेथ' के रूप में कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, राज्यपाल के रूप में मैं मुंह मोड़ नहीं सकता। मैं मुख्यमंत्री के साथ सरकारी मंच साझा नहीं करूंगा। अगर किसी सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शामिल होंगी, तो मैं वहां नहीं रहूंगा।

तृणमूल कांग्रेस का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस नेता कुणाल घोष ने राज्यपाल पर पलटवार करते हुए कहा कि वह इसलिए ऐसा कह रहे हैं क्योंकि वह खुद सामाजिक रूप से बहिष्कृत हो रहे हैं। घोष ने कहा कि राज्यपाल की पदवी पर रहते हुए बोस को मुख्यमंत्री को सामाजिक रूप से बहिष्कृत करने की घोषणा करने का अधिकार नहीं है। राज्यपाल के खिलाफ जो घिनौने आरोप हैं, उन पर तो उन्हें खुद सामाजिक रूप से बहिष्कृत किया जाना चाहिए।

जवाहर ने राज्यसभा से भी दिया इस्तीफा
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज में प्रशिक्षु चिकित्सक की दुष्कर्म के बाद की गई हत्या के विरोध में टीएमसी सांसद जवाहर सरकार ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद गुरुवार को राज्यसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया।

क्या है पूरा मामला?
कोलकाता के आरजी कर मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में जूनियर डॉक्टर के साथ दरिंदगी की घटना नौ अगस्त की है। मृतक मेडिकल कॉलेज में चेस्ट मेडिसिन विभाग की स्नातकोत्तर द्वितीय वर्ष की छात्रा और प्रशिक्षु डॉक्टर थीं। आठ अगस्त को अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद रात के 12 बजे उसने अपने दोस्तों के साथ डिनर किया। इसके बाद से महिला डॉक्टर का कोई पता नहीं चला। घटना के दूसरे दिन सुबह उस वक्त मेडिकल कॉलेज में हड़कंप मच गया जब चौथी मंजिल के सेमिनार हॉल से अर्ध नग्न अवस्था में डॉक्टर का शव बरामद हुआ। घटनास्थल से मृतक का मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद किया गया। पोस्टमॉर्टम की शुरुआती रिपोर्ट से पता चला है कि महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म की घटना हुई थी। जूनियर महिला डॉक्टर का शव गद्दे पर पड़ा हुआ था और गद्दे पर खून के धब्बे मिले। शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया गया है कि मृतक महिला डॉक्टर के मुंह और दोनों आंखों पर था। गुप्तांगों पर खून के निशान और चेहरे पर नाखून के निशान पाए गए। होठ, गर्दन, पेट, बाएं टखने और दाहिने हाथ की उंगली पर चोट के निशान थे।
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