जेपी इंफ्राटेक (प्रतीकात्मक तस्वीर)
वित्तीय संकट से जूझ रही जेपी इंफ्राटेक के कर्जदाताओं ने मंगलवार को सरकारी कंपनी एनबीसीसी लिमिटेड की संशोधित बोली पर मतदान कराने का फैसला किया है। मतदान प्रक्रिया बृहस्पतिवार से शुरू होकर रविवार तक चलेगी। 20 मई को इसके परिणाम आ सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, कर्जदाताओं की समिति (सीओसी) में शामिल बैंक इस बोली पर मतदान के पक्ष में नहीं थे। वे इस पर रोक लगाने के लिए राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) गए थे, जहां अपील खारिज हो गई। तब बैंक मतदान कराने को राजी हुए।
सुनवाई के दौरान एनसीएलएटी के चेयरमैन जस्टिस एसजे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो जजों की पीठ ने बैंकों से कहा कि यदि उन्होंने प्रक्रिया रोकने की कोशिश की तो उन्हें ‘शून्य रुपये’ ही हासिल होंगे। हजारों मकान खरीदारों का हित सबसे महत्वपूर्ण है। बोली लगाने वाला केवल एक भी हुआ, तब भी मामले का तेजी से निपटारा होना चाहिए।
बैंकों ने यह भी प्रस्ताव रखा था कि वे जेपी इंफ्राटेक का नियंत्रण चाहते हैं और एनबीसीसी में परियोजना प्रबंधन सलाहकार (पीएमसी) के रूप में 20,000 से अधिक अधूरे फ्लैटों को पूरा करेंगे। एनबीसीसी ने सोमवार को संशोधित प्रस्ताव में कर देनदारी से राहत और बोली की शर्तों में कोई परिवर्तन नहीं करने का फैसला किया था।