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अमेरिकी प्रतिबंध मामले में ईरान से तेल आयात पर फैसला चुनाव बाद: सुषमा

Wed, 15 May 2019 12:29 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मोहम्मद जावाद जारिफ-सुषमा स्वराज
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ईरान से तेल आयात करने संबंधी अमेरिकी प्रतिबंध लागू हो जाने से उपजे हालात से निबटने के लिए ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावाद जारिफ और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज में अहम बातचीत की। अमेरिकी प्रतिबंध के बाद 1 मई के बाद से भारत ईरान से तेल का आयात नहीं कर रहा है। 

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हालांकि विदेश मंत्रालय ने इस बातचीत का कोई ब्यौरा नहीं जारी किया है। मंत्रालय ने सिर्फ यह बयान दिया है कि दोनों विदेश मंत्रियों केबीच आपसी मुद्दों पर बातचीत हुई। इस बातचीत में अफगानिस्तान के बदलते परिदृश्य पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक दोनों मंत्रियों केबीच चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट को लेकर भी अहम बातचीत हुई है। इस मसले पर अमेरिका ने अबतक कोई अड़ंगा नहीं लगाया है। 

गौरतलब है कि इराक और सऊदी अरब से बाद ईरान भारत का सबसे बड़ा तेल निर्यातक देश है। भारत की तेल जरुरत का लगभग एक तिहाई ईरान के आयात से पूरा करता है। इस वित्तीय साल में भारत ने ईरान से 236 लाख टन तेल आयात किया है। भारत की तेल की सालाना जरुरत 700 लाख टन है। अमेरिकी प्रतिबंध की घोषणा के बाद विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत ने इस हालात से निबटने कि पूरा तैयारी कर ली है।
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सूत्रों के मुताबिक अमेरिका इस प्रतिबंध पर अब किसी तरह की छूट नहीं देने जा रहा है। ईरान के नाभकीय ताकत बढाने की मुहीम के वजह से अमेरिका नाराज है और सभी देशों को ईरान से व्यापारी संबंध तोडने का दबाव बना कर ईरान को अलग थलग करने की कोशिश में है। सूत्रों ने बताया कि इस प्रतिबंध पर छह महीने की छूट के बाद बीते अप्रैल में अमेरिका ने भारत से कहा कि वह पुलवामा और बालाकोट मामले में भारत के साथ खड़ा रहा है। अब ईरान के कथित टेरर नेटवर्क को रोकने के लिए भारत से इसी रवैये की उम्मीद है। 

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