सरकार ने राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति को सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले भत्तों में से कार्यालय खर्च में बढ़ोतरी कर दी है। अब किसी भी सेवानिवृत्त राष्ट्रपति को अपने लिए निजी सचिव आदि की सुविधा के लिए सरकार की तरफ से सालाना 1 लाख रुपये तक की सहायता मिलेगी, जबकि सेवानिवृत्त उपराष्ट्रपति 90 हजार रुपये तक की सालाना मदद इसके लिए हासिल करेंगे।
पूर्व उपराष्ट्रपति भी खर्च कर पाएंगे 90 हजार रुपये सालाना
गृह मंत्रालय की तरफ से की गई घोषणा के अनुसार, सरकार ने इसके लिए राष्ट्रपति के पेंशन नियम-1962 और उपराष्ट्रपति के पेंशन, आवास व अन्य सुविधाएं नियम-1999 में संशोधन किया है। अभी तक सेवानिवृत्त राष्ट्रपति को कार्यालय खर्च के तौर पर मात्र 60 हजार रुपये महीना मिल रहे थे। इसके अलावा सरकार ने सेवानिवृत्त राष्ट्रपति की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी को निजी सचिवालय संचालित करने के लिए मिलने वाली सालाना सहायता को भी बढ़ाकर 20 हजार रुपये महीना कर दिया है।
बता दें कि राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति का वेतन भी हाल ही में 200 फीसदी तक बढ़ाया गया था। चार महीने पहले हुई इस बढ़ोतरी में राष्ट्रपति का वेतन 1.5 लाख रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया गया था और सेवानिवृत्ति के बाद उनको मिलने वाली पेंशन भी बढ़ाकर 1.5 लाख रुपये महीना कर दी गई थी, वहीं उपराष्ट्रपति का वेतन 1.25 लाख रुपये से बढ़ाकर 4 लाख रुपये महीना कर दिया गया था। साथ ही राज्यपालों का वेतन भी 1.10 लाख रुपये महीना से बढ़ाकर 3.5 लाख रुपये महीना कर दिया गया था।