साग-सब्जी, दाल और दुग्ध उत्पादों जैसे खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट की वजह से बीते जून में खुदरा मूल्य पर आधारित महंगाई की दर -सीपीआई- घट कर 1.54 फीसदी पर आ गई है। एक साल पहले के इसी महीने यह 5.77 फीसदी थी। बीते मई में यह 2.18 फीसदी पर थी। महंगाई की दर में गिरावट होने से अगले महीने रिजर्व बैंक की नीतिगत दरों की समीक्षा के दौरान ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश बन सकती है।
मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमणियम ने कहा कि यह दर ऐतिहासिक रूप से बेहद कम है और यह दिखाता है कि आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है।
केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन -सीएसओ- द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक खाद्य पदार्थों की कीमतों में गिरावट से महंगाई दर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इसमें कमी आने का मुख्य कारण दालों, साग-सब्जियों और दुग्ध पदार्थों की कीमतों में हुई गिरावट है।
जून में सब्जियों की कीमतों में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 16.53 फीसदी की गिरावट आई। दालों की कीमत में तो 21.92 फीसदी की तेज गिरावट आई। समीक्षाधीन माह में अंडों की कीमतों में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 0.08 फीसदी की गिरावट आई। हालांकि इस दौरान फलों की कीमतों में कुछ तेजी दर्ज की गई।
अगले महीने की शुरूआत में ही रिजर्व बैंक की द्विमासिक नीतिगत समीक्षा बैठक का आयोजन होना है, जिसमें महंगाई की दरों में गिरावट की वजह से ब्याज दरों में कटौती का मार्ग प्रशस्त हो सकता है।