जावड़ेकर ने कहा कि प्रधानमंत्री की जनहितकारी नीतियों का प्रभाव है कि पूरे देश में पीएम की लोकप्रियता बढ़ी है। देश के साथ-साथ पूरी दुनिया में भारत का कद बढ़ा है और आम भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। इसी के साथ भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी बेहद सराहनीय काम किया है। उनके कार्यकाल के पहले सिर्फ छह राज्यों तक सीमित भाजपा आज देश के 19 राज्यों में सत्ता में है। उसके 350 से ज्यादा सांसद और 1500 से अधिक विधायक हैं।
जावड़ेकर ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की जोड़ी की सफल नीतियों के कारण हुआ है। इसी के साथ उन्होंने इस बात का भी इशारा कर दिया है कि अमित शाह जनवरी के बाद एक बार फिर पार्टी अध्यक्ष का पद संभाल सकते हैं।
मोदी हटाओ जैसी नकारात्मक सोच से ग्रस्त विपक्ष असरहीन
भाजपा नेता ने कहा कि विपक्ष उसके खिलाफ लामबंद होने की नाकामयाब कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष पूरी तरह से नीति, नेता और रणनीति से विहीन है। उसके पास जीत का जज्बा और कोई सकारात्मक सोच नहीं है। वह सिर्फ नरेंद्र मोदी को हटाने के एकमात्र नकारात्मक अभियान पर चल रही है। देश की जनता इस बात को समझती है और वह इस नकारात्मक सोच से प्रभावित नहीं होगी।
महंगाई, पेट्रो पदार्थों कीमतों पर काटी कन्नी
इस सवाल पर कि क्या कार्यकारिणी की बैठक में महंगाई और रोज बढ़ते पेट्रोल की कीमतों पर कोई विचार किया गया, भाजपा नेता ने कहा कि यूपीए शासनकाल में महंगाई की दर 10 फीसदी से भी अधिक रही है, जबकि चार साल की मोदी सरकार में महंगाई की दर कभी भी पांच फीसदी तक भी नहीं पहुंची। इसके साथ ही 8.2% की विकास दर के साथ भारत पूरी दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में एक बन चुकी है।
मोदी के कार्यकाल के पहले भारत दुनिया की नौंवीं अर्थव्यवस्था था जो हाल ही में फ्रांस को पछाड़ते हुए दुनिया की छठीं अर्थव्यवस्था बन चुका है। जल्दी ही आर्थिक मामलों में भारत पांचवीं वैश्विक ताकत भी बन सकता है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मोदी की विकासपरक नीतियों के कारण हुआ है।
आंतरिक सुरक्षा के बिना नहीं होता विकास
प्रकाश जावड़ेकर के मुताबिक यूपीए शासन में हर महीने कहीं न कहीं आतंकी हमला हुआ करता था, लेकिन जब से मोदी सरकार आई है, सुरक्षा बहुत मजबूत हुई है और एक-दो छुट-पुट घटनाओं के अलावा कहीं कोई आतंकी घटना नहीं घटी।
पूर्वोत्तर में त्रिपुरा-मेघालय से पूरी तरह और अरुणांचल प्रदेश से आंशिक तौर पर अफस्पा हटाया जा चुका है, असम पर भी इसके हटाने का विचार हो सकता है। जावड़ेकर ने कहा कि देश में नक्सलवाद कमजोर हुआ है। अपने पहले के हिसाब से अब यह एक तिहाई भी नहीं रह गया है। उन्होंने कहा कि बाकी नक्सलवाद की कमर भी जल्दी ही तोड़ दी जाएगी और देश इससे पूर्ण मुक्त होगा।