केंद्र सरकार, ऑल इंडिया सर्विस, सार्वजनिक उपक्रम, केंद्र सरकार के स्वायत्तशासी संस्थान, बैंक, केंद्रीय विश्वविद्यालय तथा केंद्र सरकार के पंजीकृत शोध संस्थान के कर्मचारी, जिन्होंने 10 साल तक प्रदेश में सेवा की है, उन्हें भी डोमिसाइल का लाभ मिलेगा। जो भी बच्चे इस पात्रता को पूरा करते हैं या जो रोजगार, बिजनेस या अन्य व्यावसायिक कारणों से केंद्र शासित प्रदेश के बाहर रहते हैं, लेकिन यदि उनके अभिभावक किसी भी शर्त को पूरा करते हैं तो उन्हें भी इसका लाभ मिलेगा।
राज्य सेवा चयन बोर्ड के स्थान पर सेवा चयन बोर्ड
राज्य सेवा चयन बोर्ड के स्थान पर सेवा चयन बोर्ड होगा। ऐसे में 25,500 से अधिक के वेतनमान वाले किसी भी पद पर नियुक्ति के लिए तब तक आवेदन नहीं होगा, जब तक वह जम्मू कश्मीर का अधिवासी न हो। राज्य के स्थायी निवासी की जगह अब जम्मू कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र का अधिवासी लिखा जाएगा।
तहसीलदार बनाएंगे डोमिसाइल सर्टिफिकेट
डोमिसाइल सर्टिफिकेट जारी करने का अधिकार तहसीलदार को दिया गया है। यदि राज्य सरकार डीसी या किसी विशेष अधिकारी को इसके लिए नामित करता है तो उसे अलग से एसआरओ जारी करना होगा।
कानून खोखला, पहले से लगी चोट को गंभीर किया: उमर
‘जब हमारे प्रयास व पूरा ध्यान कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने पर होना चाहिए, केंद्र सरकार डोमिसाइल कानून लेकर आई है। ऐसा कोई भी संरक्षण कानून से नहीं मिल रहा है, जिसका वादा किया गया था। यह पहले से लगी चोट को और गंभीर बना देता है। नया कानून इतना खोखला है कि इसका पता इससे चल जाता है कि दिल्ली के इशारे पर बनी नई पार्टी के नेता (अल्ताफ बुखारी) भी इसकी आलोचना करने को मजबूर हैं। जो इस कानून को लेकर दिल्ली में लॉबिंग कर रहे थे।’
- उमर अब्दुल्ला, पूर्व सीएम