सभी सरकारी उच्च शिक्षण संस्थानों में आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को नियुक्ति में आरक्षण मिलेगा। इस आशय की अधिसूचना 4 अक्तूबर को जारी कर दी गई है। केंद्र सरकार ने 22 अगस्त को मानव संसाधन विकास मंत्रालय को यह आदेश दिया था।
मंत्रालय ने आईआईटी, आईआईएम, केंद्रीय व स्टेट यूनिवर्सिटी, डीम्ड-टू-बी यूनिवर्सिटी सहित सहायता प्राप्त सभी संस्थानों को तुरंत प्रभाव से इसे लागू करने का आदेश दिया है। हालांकि निजी विश्वविद्यालयों में अभी यह नियम लागू नहीं होगा।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के सचिव प्रो. रजनीश जैन ने सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को पत्र लिखकर सूचित कर दिया है। पत्र में कहा गया है कि केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के निर्देश के तहत आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को शिक्षकों और कर्मियों की भर्ती में आरक्षण दिया जाए। एआईसीटीई के चेयरमैन प्रो. अनिल डी सहस्रबुद्धे के मुताबिक, यह नियम इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, आर्किटेक्चर, फार्मेसी कॉलेजों पर भी लागू हो गया है।