केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को 10 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान राज्यों में लागू करने की होड़ लग गई है। गुजरात के बाद झारखंड ने भी इसे अपने राज्य में लागू कर दिया है। उत्तर प्रदेश सरकार में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने अमर उजाला को बताया कि यूपी सरकार भी इस कानून को अपने राज्य में जल्द लागू करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। इसके लिए जरूरी संविधानिक प्रक्रिया का पालन कर शीघ्र ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी। मंत्री ने कोई समय सीमा बताने से तो इनकार किया, लेकिन कहा कि केंद्र द्वारा आर्थिक रूप से पिछड़े तबके को यह लाभ वे शीघ्र पहुंचाएंगे।
वहीं जिन राज्यों में गैर भाजपाई दलों की सरकारें हैं, वहां पार्टी ने सरकारों को इस मसले पर घेरने का काम शुरू कर दिया है। दिल्ली भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मंगलवार को अरविंद केजरीवाल सरकार से गरीब सवर्णों को आरक्षण का लाभ देने की मांग की।
उन्होंने केजरीवाल सरकार को यह कहकर घेरा कि वह केंद्र सरकार द्वारा गरीबों को दी जा रही सुविधाएं उन तक नहीं पहुंचने देना चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल सरकार को हमेशा यह डर सताता रहता है कि अगर वे केंद्र सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाएंगे तो इसका लाभ केंद्र सरकार और भाजपा को होगा और उनकी पार्टी इस मामले में पीछे रह जाएगी।
ध्यान रहे कि अरविंद केजरीवाल सरकार ने अभी तक केंद्र सरकार द्वारा लाई गई आयुष्मान योजना को अपने यहां लागू नहीं किया है। इस योजना के तहत कोई भी गरीब पांच लाख रूपये मूल्य तक का इलाज किसी भी अस्पताल में (जो इस योजना से जुड़े हैं) मुफ्त करा सकता है।