अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 766 रोगियों का सर्वेक्षण किया, जिनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के 30, 60 दिन और 90 दिन बाद भी कई मरीजों में लक्षण दिखाई दे रहे थे।
कोरोना संक्रमण से ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक लक्षण दिखने पर मरीज को याददाश्त सहित कई तरह की संज्ञानात्मक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अमेरिका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि संक्रमण की चपेट में आने और एक समय बाद नेगेटिव होने के बाद भी अगर चार सप्ताह तक मरीज के लक्षण खत्म नहीं होते हैं तो उसे लॉन्ग कोविड माना जाता है।
विज्ञापन
ऐसे मरीजों को भूलने की आदत, मानसिक थकान जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इनके लिए रोगी को तत्काल चिकित्सा परामर्श मिलना बहुत जरूरी है क्योंकि इस तरह के लक्षणों का असर लंबे समय बाद जोखिम के रूप में दिखाई देने लगता है।
36.1 फीसदी ने महसूस की गंभीर समस्या
अध्ययन में शोधकर्ताओं ने 766 रोगियों का सर्वेक्षण किया, जिनमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के 30, 60 दिन और 90 दिन बाद भी कई मरीजों में लक्षण दिखाई दे रहे थे। शोधकर्ताओं ने पाया कि सर्वेक्षण में शामिल रोगियों में से 276 (36.1 फीसदी) ने तीव्र बीमारी के दौरान या उसके बाद के हफ्तों में महसूस किया कि उन्हें संज्ञानात्मक कठिनाइयां हो रही थीं।