अगर आप भी दिन की शुरुआत इंस्टैंट कॉफी से करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। चीन में हुए एक हालिया शोध में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि इंस्टैंट कॉफी का अत्यधिक सेवन उम्र से जुड़ी आंखों की एक गंभीर बीमारी एएमडी (एज-रिलेटेड मैक्युलर डिजेनेरेशन) के जोखिम को बढ़ा सकता है। यह बीमारी धीरे-धीरे दृष्टि को प्रभावित करती है और अंधेपन तक का कारण बन सकती है।
अध्ययन चीन के वुहान यूनिवर्सिटी के रेनमिन हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने किया है, जिसमें यूके बायोबैंक डेटा से लिए गए 3,58,000 से अधिक प्रतिभागियों की जीवनशैली, कॉफी की आदतों और नेत्र स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी का विश्लेषण किया गया। शोध में पाया गया कि जो लोग नियमित रूप से इंस्टैंट कॉफी का सेवन करते हैं, उनमें एएमडी विकसित होने की संभावना 20 से 30 प्रतिशत तक अधिक होती है। शोधकर्ताओं ने पाया कि इंस्टैंट कॉफी में पाए जाने वाले परिरक्षकों (प्रिजर्वेटिव्स), ऐक्रेलामाइड और अन्य प्रोसेस्ड केमिकल्स रेटिना की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। यही नहीं, इंस्टैंट कॉफी में मौजूद कुछ तत्व ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को भी बढ़ा सकते हैं, जो आंखों की मांसपेशियों और मैक्युला यानी रेटिना के केंद्रीय भाग पर नकारात्मक असर डालता है।
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कॉफी के सेवन में संतुलन जरूरी
शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि कॉफी का सेवन करते समय संतुलन जरूरी है। अगर आप इंस्टेंट कॉफी पीते हैं, तो उसकी मात्रा को सीमित रखें और बेहतर विकल्प के रूप में फ्रेश ब्रू फिल्टर्ड या ब्रेव्ड कॉफी का सेवन करें, जिसमें हानिकारक रसायनों की मात्रा अपेक्षाकृत कम होती है। यह अध्ययन एक महत्वपूर्ण चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो दिन में कई बार इंस्टेंट कॉफी पीते हैं। आंखों के स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए न सिर्फ स्क्रीन टाइम पर ध्यान देना जरूरी है, बल्कि यह भी आवश्यक है कि हम अपनी खानपान की आदतों में संतुलन बनाए रखें।
ड्राइविंग और चेहरा पहचानना हो सकता है मुश्किल
एज-रिलेटेड मैक्युलर डिजेनेरेशन (एएमडी) एक दीर्घकालिक नेत्र रोग है, जिसमें व्यक्ति की केंद्रित दृष्टि प्रभावित होती है। इसका असर इतना गंभीर हो सकता है कि पढ़ना, ड्राइविंग करना या चेहरों को पहचानना मुश्किल हो जाता है। आमतौर पर यह बीमारी 50 वर्ष की उम्र के बाद होती है, लेकिन जीवनशैली से जुड़े जोखिम इसे जल्दी भी उभार सकते हैं। इंस्टैंट कॉफी में कुछ ऐसे यौगिक होते हैं जो दीर्घकालिक रूप से आंखों की कोशिकाओं को प्रभावित कर सकते हैं।
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हरी सब्जियां और अच्छी नींद लें
डब्ल्यूएचओ के मुताबिक दुनिया भर में 2.2 अरब से अधिक लोग किसी न किसी रूप में दृष्टि समस्याओं से जूझ रहे हैं। भारत में इंस्टैंट कॉफी का बाजार तेजी से बढ़ रहा है, जिसकी सालाना वृद्धि दर लगभग 7% है। विशेषज्ञों के मुताबिक हरी सब्जियां, विटामिन ए, ओमेगा-3 और पर्याप्त नींद भी आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी हैं।