गणतंत्र दिवस परेड के दौरान राजपथ उस समय बहुत खास हो गया जब सीमा भवानी की महिलाएं दनदनाती हुईं बाइक पर आईं। इन महिलाओं को बाइक पर करतब देख दर्शक दीर्घा में बैठा हर शख्स खड़ा हो गया और तालियों से इनका स्वागत करता नजर आया। क्या पीएम मोदी, क्या राष्ट्रपति कोविंद या फिर 10 एसियान देशों से आए विशेष अतिथी। सभी एकसाथ खड़े होकर इन महिला डेयरडेविल्स की हौसला हफजाई करते नजर आ रहे थे।
महिलाएं राजपथ पर अपना करतब सबसे भारी भरकम मानी जाने वाली रॉयल इनफील्ड बुलेट पर करती दिखाई दीं। 70 साल के इतिहास में पहली बार 27 बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स की महिलाएं स्टंट और एक्रोबैटिक कर रही थीं। सीमा भवानी की इन महिलाओं ने मोटर साइकिल पर तहर -तरह के पोज में नजर आईं। उन्होंने पुरुष साथियों को टक्कर देने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एक्रोबेटिक के दौरान कभी मोर के पोज में तो कोई योग के पोज में नजर आई। इस पूरी परेड में खास था कि एक- एक बाइक पर पांच से 10 महिलाएं दम साधे आगे बढ़ रही थीं।
राजपथ पर इसपूरे स्टंट का नेतृत्व जम्मू कश्मीर रीजन के लद्दाख की सब इंसपेक्टर स्टांजिन नोरयांग कर रही थीं। बता दें कि नोरयांग ने इससे पहले कभी बाइक भी नहीं चलाई थी। गणतंत्र दिवस पर पहली बार महिला कंटीजेंट 2015 में परेड में शामिल हुई थीं।
बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि गणतंत्र दिवस की परंपरा के अनुसार गणतंत्र दिवस पर बीएसएफ और आर्मी के डेयरडेविल्स एक-एक साल के अतंराल पर अपने करतब दिखाते रहे हैं। और इस साल बीएसएफ की बारी थी और BSF ने अपनी महिला विंग के डेयरडेविल्स को करतब दिखाने के लिए भेजा इसमें 25-30 वर्ष की महिलाएं शामिल हुईं। जबकि पूरे परेड में करीब 130 महिलाओं ने करतब दिखाया।