आज जोर-शोर के साथ राजपथ पर 69वां गणतंत्र दिवस मनाया गया। इस मौके पर 10 आसियन देशों के नेता मौजूद थे। यह पहली बार था जब गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत ने 10 देशों से पधारे विशेष अतिथियों की मेजबानी की। इसके अलावा पहली बार आसियन देशों के झंडे लेकर राजपूताना रेजीमेंट के जवान राजपथ पर पहुंचे। जिसके बाद दूसरे दस्ते आए। ऐसा भी पहली बार हुआ जब किसी अन्य देश के झंडे के बाद परेड शुरू हुई। थी। राजधानी दिल्ली के राजपथ पर जनता ने वह ताकत देखी, जिस पर देश के हर नागरिक को नाज है।
- राजपथ पर सीमा सुरक्षा बल की 113 महिलाओं ने गजब के स्टंट दिखाए। उन्हें ऐसा करते हुए देखकर कई दिगगज खड़े हो गए। पहली बार राजपथ पर अपना दमखम दिखाने वाली महिलाओं में से किसी ने योगा किया तो कोई बाइक पर मोर के आकार में दिखीं।
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गणतंत्र दिवस की परेड में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह अपनी पत्नी गुरशरण कौर के साथ पहुंचे। इस मौके पर एचडी देवगौड़ा, गृहमंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी भी मौजूद हैं।
- राष्ट्रीय वीरता पुरस्कार से सम्मानित बच्चे राजपथ पर पहुंचे। इन बच्चों में 11 लड़के और 7 लड़कियां शामिल हैं। इनमें से 3 बच्चों को मरणोपरांत यह सम्मान मिला है।
- आसाम की झांकी पारंपरिक मास्क पर आधारित थी जिनका इस्तेमाल पारंपरिक नृत्य और ड्रामे सत्रास में किया जाता है।
- गुजरात की झांकी महात्मा गांधी पर आधारित थी। लोक निर्माण विभाग ने अपनी झांकी में दिवाली का त्योहार दिखाने की कोशिश की है।
- उत्तराखंड, जम्मू कश्मीर से लेकर मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और त्रिपुरा की झांकियों ने अपनी सांस्कृतिक पहचान राजपथ पर पेश की। झांकियों में कलाकार अपने पारंपरिक पहनावे में लोगों को अपनी धरोहर से रूबरू करवा रहे हैं।
- राजपथ पर पहुंचा स्वदेशी रडार स्वाति। यह रडार एक साथ सात टारगेट को निशाना बना सकता है।
- परेड में सीमा सुरक्षा बल का दस्ता निकला। ऊंटों वाले दस्ते ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
- परेड में पूर्व सैनिकों की झांकी निकाली गई जिसमें अर्जन सिंह, जनरल वीएस करियप्पा समें कई पूर्व सैनिक शामिल थे।
- हथियारों के बाद सेना की टुकड़ियों की परेड शुरू हुई। सबसे पहले पंजाब रेजीमेंट, मद्रास रेजीमेंट, मराठा रेजीमेंट, डोगरा रेजीमेंट, राजपूताना रेजीमेंट के जवान शामिल हुए।
- सबसे पहले युद्ध टैंक में ब्रह्मोस, टी-70, अग्नि मिलाइल राजपथ पहुंचे।
- परेड की शुरुआत आसियन देशों के झंडे से हुई। इन्हें राजपुताना राइफल रेजीमेंट के दस्ते राजपथ लेकर पहुंचे। यह पहली बार है जब परेड की शुरुआत किसी अन्य देश के दस्ते के साथ हुई।
- पहले दस्ते में सबसे पहले पंजाब रेजीमेंट है जिसका नेतृत्व कर रहे हैं लेफ्टिनेंट रविकांत शर्मा।
- 27 एयर डिफेंस रेजीमेंट का दस्ता राजपथ पहुंचा।
- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शहीद कॉर्पोरल ज्योति प्रकाश निराला को मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया। सम्मान देते हुए उनकी आंखों में आंसू आ गए। निराला बांदीपुरा एनकाउंटर में शहीद हो गए थे। उनकी मां और पत्नी ने कोविंद से सम्मान ग्रहण किया।
- राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने झंडा फहराया। ध्वजा रोहण के बाद राष्ट्रगान हुआ। इसके बाद 21 तोपों की सलामी दी गई।
- प्रधानमंत्री मोदी ने 10 आसियान देशों के नेताओं का स्वागत किया। जल्द ही राष्ट्रपति भी राजपथ पहुंचेगे।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमर जवान ज्योति पर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थीं। तीनों सेनाध्यक्ष भी वीर सपूतों को श्रद्धांजलि दी।
- बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने बीजेपी मुख्यालय पर फहराया तिरंगा।
- आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने केरल के पलक्कड़ के एक स्कूल में तिरंगा फहराया।
- गृह मंत्री राजनाथ सिंह दिल्ली स्थित अपने आवास पर तिरंगा फहराया।
इस साल परेड में आकर्षण का केंद्र रहीं सीमा सुरक्षा बल की 113 महिलाएं। जिन्होंने मोटरसाइकिल पर स्टंट दिखाए। आज से पहले तक केवल पुरुष बाइक पर स्टंट करते हुए दिखाई देते थे। जब सीमा भवानियां राजपथ पर पहुंची तो उनके सम्मान में कई दिग्गज खड़े हुए और राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तालियां बजाकर उनका स्वागत किया।