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Republic Day: कोलकाता पुलिस के बैंड को राजभवन में प्रदर्शन करने की नहीं मिली अनुमति, भड़कीं सीएम ममता

Sun, 26 Jan 2025 08:11 PM IST
शिव शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोलकाता पुलिस बैंड को कोलकाता के राजभवन में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई। जिसे लेकर सहायक कर्मचारियों के साथ उनकी बहस भी हुई।
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ममता बनर्जी - फोटो : PTI
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विस्तार
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भारत ने रविवार को 76वां गणतंत्र दिवस मनाया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के राजभवन में भी झंडारोहण किया गया और विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। वहीं, सीएम ममता बनर्जी राजभवन पर बड़ा आरोप लगाया है। सीएम बनर्जी ने आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोलकाता पुलिस बैंड को कोलकाता के राजभवन में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई। इसे लेकर उनकी राजभवन के सहायक कर्मचारियों के साथ बहस भी हुई, जिसका वीडियो भी सामने आया है। 

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ममता बनर्जी ने राजभवन पर लगाए आरोप
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर कोलकाता पुलिस बैंड को कोलकाता के राजभवन में प्रदर्शन करने की अनुमति नहीं दी गई। जिसे लेकर सहायक कर्मचारियों के साथ उनकी बहस भी हुई। इतना ही नहीं बाद में राज्यपाल सीवी आनंद बोस के साथ भी उनको बात करते देखा गया। ममता बनर्जी के हस्तक्षेप के बाद, बैंड को प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी गई। 



इससे पहले ममता बनर्जी भव्य गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुईं। उन्होंने अपने आधिकारिक  एक्स अकाउंट पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि आज, मैं हमारे संविधान के 76 वर्ष पूरे होने का जश्न मनाने के लिए रेड रोड पर भव्य गणतंत्र दिवस परेड में शामिल हुई। यह संप्रभुता, धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और संघवाद में निहित भारत के दृष्टिकोण का एक जीवंत प्रमाण है। यह दिन सिर्फ एक स्मरणोत्सव नहीं है; यह इन मार्गदर्शक सिद्धांतों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने का आह्वान है।  
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उन्होंने लिखा, 'हम उन बहादुर आत्माओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जिन्होंने हमारी आजादी के लिए लड़ाई लड़ी और बाबा साहेब अम्बेडकर और उन दूरदर्शी लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने हमें संविधान का उपहार दिया। उनकी बुद्धिमत्ता हमारे राष्ट्र का मार्गदर्शन करती रहती है। आइए हम एकता, सद्भाव और समावेशिता के आदर्शों को बनाए रखने की प्रतिज्ञा करें जो हमें एक व्यक्ति के रूप में परिभाषित करते हैं। हमारे गणतंत्र की ताकत उसके लोगों की ताकत में झलकती है। हम हमेशा उन मूल्यों की रक्षा और पोषण करने का प्रयास करें जो भारत को वास्तव में असाधारण बनाते हैं।'
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राजधानी दिल्ली में भी कर्तव्य पथ पर दिखी देश की ताकत 
कर्तव्य पथ पर आयोजित समारोह में देश की सैन्य शक्ति, कला एवं संस्कृति, विविधिता और सरकारी योजनाओं की सफलता की झलक देखने को मिली।

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