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गणतंत्र दिवस: पहली बार तीनों सेनाओं की महिला टुकड़ी, झाकियों में भी नारी शक्ति; जानें परेड में क्या रहा खास

Fri, 26 Jan 2024 12:10 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Republic Day 2024: 75वें गणतंत्र दिवस की थीम ‘विकसित भारत और भारत-लोकतंत्र की मातृका’ है। गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार तीनों सेनाओं की एक महिला टुकड़ी भी मार्च रहा। कई राज्यों की झांकियों के केंद्र में भी महिलाएं ही रहीं।
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गणतंत्र दिवस 2024 - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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समूचा राष्ट्र इस वर्ष 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों इस साल के समारोह के मुख्य अतिथि हैं। यह गणतंत्र दिवस हमारे लिए कई मायनों में खास रहा। इस बार झांकियों से लेकर परेड और थीम तक के केंद्र में महिलाएं रही हैं। 
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आइए जानते हैं कि गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम क्या रहा? परेड में क्या विशेष था? झांकियों में क्या खास था? 
 

गणतंत्र दिवस 2024 - फोटो : Amar Ujala
गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम क्या है?
शुक्रवार को देश अपना 75वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस वर्ष की थीम ‘विकसित भारत और भारत-लोकतंत्र की मातृका’ है। गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत ध्वज फहराने के साथ हुई। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दिल्ली स्थित कर्तव्य पथ (पहले राजपथ कहा जाता था) पर ध्वज फहराया। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुबह अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि दी। 



इस समारोह के मुख्य आकर्षण यानी परेड का समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच रहा। परेड का रुट विजय चौक से नेशनल स्टेडियम के बीच था। मुख्य कार्यक्रम दिल्ली स्थित कर्त्तव्य पथ पर हुआ। 

गणतंत्र दिवस 2024 - फोटो : Amar Ujala
समारोह में मेहमान कौन थे?
फ्रांसीसी राष्ट्रपति मैक्रों 75वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि रहे। परेड में फ्रांस की 95 सदस्यीय मार्चिंग टीम और 33 सदस्यीय बैंड दल ने भी शिरकत किया। भारतीय वायु सेना के विमानों के साथ एक मल्टी रोल टैंकर ट्रांसपोर्ट (एमआरटीटी) विमान और फ्रांसीसी वायुसेना के दो राफेल लड़ाकू जेट ने भी फ्लाई-पास्ट में हिस्सा लिया।



इस साल परेड में शामिल होने के लिए लगभग 13 हजार विशेष मेहमान आमंत्रित रहे। ये वे लोग हैं जिन्होंने सरकार की करीब 30 अहम योजनाओं का लाभ उठाया है। इसके अलावा पेटेंट हासिल करने वाले विशेषज्ञों, इसरो की महिला वैज्ञानिकों, स्वतंत्रता सेनानियों, किसानों और आदिवासी समुदाय के लोगों को भी निमंत्रण मिला था। 
 

गणतंत्र दिवस 2024 - फोटो : Amar Ujala
परेड में क्या विशेष?
जैसा कि इस साल के गणतंत्र दिवस की थीम महिलाओं पर आधारित है तो परेड में महिलाओं का अब तक का सबसे अच्छा प्रतिनिधित्व देखने को मिला। परेड की शुरुआत सैन्य बैंड के साथ होती आई है लेकिन इस बार देशभर की 100 महिला सांस्कृतिक कलाकारों ने पारंपरिक वाद्यों के साथ परेड की शुरुआत की। अक्सर सभी कलाकार और समूह सलामी मंच के सामने अपनी प्रस्तुति देते हैं लेकिन इस बार एक और नई पहल की गई जिसमें केवल एक समूह ने ही सलामी मंच के सामने अपनी प्रस्तुति दी और बाकी अन्य 11 समूह ने अलग-अलग अपनी प्रस्तुति दी जिससे सभी दर्शक इसका आनंद ले पाए। 

परेड की अन्य खासियतों की बात करें तो पहली बार तीनों सेनाओं की एक महिला टुकड़ी ने भी मार्च किया। केंद्रीय सशस्त्र बलों की टुकड़ियों में भी महिलाकर्मी शामिल रहीं। इस बार के परेड में महिला फाइटर पायलटों को भी शामिल किया गया है। इस परेड में 48 महिला अग्निवीरों ने भी हिस्सा लिया है। 

गणतंत्र दिवस परेड में कैप्टन शरण्या राव ने थल सेना की टुकड़ी का नेतृत्व किया। फ्रांस के राष्ट्रीय दिवस में अतिथि के तौर पर पीएम मोदी के साथ शामिल रहीं स्क्वॉड्रन लीडर सुमिता यादव ने भी इस परेड में हिस्सा लिया। स्क्वाड्रन लीडर रश्मि ठाकुर ने गणतंत्र दिवस परेड में भारतीय वायुसेना की मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व किया। उनके साथ स्क्वाड्रन लीडर सुमिता यादव और स्क्वाड्रन लीडर प्रतीति अहलुवालिया और फ्लाइट लेफ्टिनेंट कीर्ति रोहिल भी रहीं। फ्लाइट लेफ्टिनेंट सृष्टि वर्मा ने त्रि-सेवा दल के सुपर न्यूमैरेरी अफसर के तौर पर मार्चिंग की। 
 

गणतंत्र दिवस की परेड - फोटो : पीटीआई (फाइल)
इस बार कितनी झाकियां निकलीं?
परेड में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां दिखाई गईं। ये राज्य उत्तर प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, मणिपुर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, राजस्थान, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, लद्दाख, तमिलनाडु, गुजरात, मेघालय, झारखंड और तेलंगाना हैं।

इसके अलावा नौ केंद्र सरकार के नौ मंत्रालयों की झांकिया भी कर्तव्य पथ पर चलीं। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के रंगशाला में इन्हें अंतिम रूप दिया गया था।  

गणतंत्र दिवस - फोटो : सोशल मीडिया
किस राज्य की झाकी में क्या विशेष?
इस गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर निकलने वाली परेड काफी हद तक महिला केंद्रित रही। इसी को ध्यान में रखते हुए तमाम राज्यों ने अपनी झाकियों को महिला आधारित थीम पर तैयार किया।
  • परेड में उत्तर प्रदेश की झांकी का अंदाज खास रहा। इस झांकी की थीम 'अयोध्या: विकसित भारत-समृद्ध विरासत' पर आधारित है। झांकी के अगले भाग में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा समारोह का प्रतीक दिखाई दिया, जो उनके बचपन के स्वरूप को प्रदर्शित करता है।
  • लद्दाख की झांकी में आइस हॉकी खिलाड़ियों को जगह दी गई है। वहीं महिला कलाकार यहां के पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति देते हुए दिखाई गई हैं। झांकी में कई महिलाएं पेराक पहने दिखाई दे रही हैं जो लद्दाख में परंपरागत रूप से महिलाओं के लिए एक शाही टोपी मानी जाती है।
  • हरियाणा की झांकी में राज्य सरकार की 'मेरा परिवार मेरी पहचान' योजना को स्थान मिला है। झांकी में हरियाणवी महिलाओं को डिजिटल उपकरण के साथ दिखाया गया है। इससे यह बताने की कोशिश की गई है कि कैसे डिजिटल इंडिया पहल ने महिलाओं को सिर्फ एक क्लिक के जरिए सरकार की योजनाओं तक पहुंच बनाई है।
  • राजस्थान की झांकी में यहां की संस्कृति के साथ-साथ महिला हस्तशिल्प उद्योगों के विकास का प्रदर्शन किया गया। झांकी में राजस्थान के प्रसिद्ध घूमर नृत्य की झलकी दिखी। 
  • मध्य प्रदेश की झांकी में महिलाओं की आधुनिक सेवा क्षेत्र से लेकर लघु उद्योग और पारंपरिक क्षेत्रों तक में सक्रिय भागीदारी दिखाई गई है। झांकी में भारतीय वायु सेना में मध्य प्रदेश की पहली महिला फाइटर पायलट अवनी चतुर्वेदी भी दिखीं। 
  • मणिपुर की झांकी में महिलाओं को कमल के तने के नाजुक रेशों से काम करते और पारंपरिक चरखे का इस्तेमाल करके धागा बनाते हुए दिखाया गया। झांकी में एक महिला को यहां की प्रसिद्ध लोकटक झील से कमल की डंठले इकट्ठा करते हुए दिखाया गया। झांकी में राज्य के पारम्परिक इमा बाजार को जगह मिली है। यह बाजार सदियों पुराना है और इसे पूरी तरह से महिलाएं चलाती हैं।
  • ओडिशा की झांकी में हस्तशिल्प और हथकरघा क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी दिखाई गई है।
  • छत्तीसगढ़ की झांकी में बस्तर से आने वाले आदिवासी समुदायों में महिला प्रधानता को प्रदर्शित किया गया। 
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गणतंत्र दिवस झांकी (फाइल) - फोटो : सोशल मीडिया

अनंत सूत्र का प्रदर्शन
संस्कृति मंत्रालय इस वर्ष कर्तव्य पथ पर 'अनंत सूत्र - द एंडलेस थ्रेड' का प्रदर्शन किया। इसे प्रांगण में बैठे दर्शकों के पीछे प्रदर्शित किया गया। अनंत सूत्र वास्तव में साड़ी परिधान के लिए एक विशेष सम्मान है। इसमें देश के हर कोने से आने वाली लगभग 1,900 साड़ी परिधानों और पर्दों को प्रदर्शित किया गया, जो कर्तव्य पथ के साथ लकड़ी के फ्रेम के साथ ऊंचाई पर लगाए गए। इस प्रदर्शन में क्यूआर कोड भी दर्शाए गए, जिन्हें स्कैन करके लोगों ने उत्पादों में इस्तेमाल की जाने वाली बुनाई और कढ़ाई कला के बारे में जाना।

 

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