देश के सभी राज्यों से
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने तल्ख आदेश के साथ एक बार फिर अवैध और प्रदूषण फैलाने वाले
बूचडख़ानों पर कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। सभी राज्यों से कहा गया है कि वे सुप्रीम कोर्ट और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश का पालन करते हुए जल्द से जल्द बूचडख़ानों से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट सीपीसीबी को मुहैया कराएं। वर्ष 2012 से ही राज्य इस रिपोर्ट को लेकर टालमटोल कर रहे हैं। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की ओर से बार-बार रिमाइंडर भेजे जाने के बाद भी राज्यों की ओर से रिपोर्ट न मिलने पर सीपीसीबी ने यह कदम उठाया है।
पूछा गया प्रतिदिन कितने पशुओं का होता है वध
सीपीसीबी की ओर से राज्यों को दिए गए आदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि वे बताएं कि उनके यहां कितने बूचडख़ाने वैध हैं और कितनों ने प्रवाह शोधन संयंत्र (ईटीपी) संचालित किया है। वहीं कितनों के पास संचालन की अनुमति है और प्रतिदिन इन बूचडख़ानों के जरिए कितने पशुओं का वध किया जाता है। पशुओं के वध से संबंधित रिपोर्ट छह माह पर आधारित होनी चाहिए।
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