महाराष्ट्र की जेलों में इस समय क्षमता से काफी ज्यादा कैदी बंद हैं। जेल विभाग के आंकड़ों से इसका खुलासा हुआ है। जेल विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 31 जनवरी, 2023 तक राज्य की 60 जेलों में बंद कैदियों की संख्या 41,075 थी, जबकि इनकी कुल क्षमता 24,722 ही है।
इतना ही नहीं, दिसंबर 2021 को समाप्त हुई अवधि के दौरान की सांख्यिकीय रिपोर्ट में इस बात के भी संकेत मिले हैं कि बीते कुछ सालों में जेलों में कैदियों की संख्या क्षमता से अधिक दर्ज की गयी हैं।
ये हैं आंकड़े
रिपोर्ट के अनुसार, राज्य की कुल 60 जेलों में से 18 में कैदियों की संख्या 31 जनवरी, 2023 को क्षमता से दोगुनी या इससे भी अधिक रही। इन जेलों में मुंबई केंद्रीय कारागृह (446 प्रतिशत अधिभोग दर), ठाणे केंद्रीय कारागृह (389 प्रतिशत) और बुलढाणा जिला जेल (387 प्रतिशत) एवं अन्य जेल शामिल हैं।
साथ ही 31 दिसंबर, 2021 को पुणे में यरवदा केंद्रीय कारागार में कैदियों की संख्या सबसे अधिक 5,966 थी। इसके बाद ठाणे केंद्रीय कारागार में यह संख्या 4,471, मुंबई केंद्रीय कारागार में 3,424 और तलोजा जेल में 2,819 थी।
इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि राज्य में 2017 में जेल की क्षमता 136.19 प्रतिशत, 2018 में 148.93 प्रतिशत, 2019 में 152.72 प्रतिशत, 2020 में 128.70 प्रतिशत और 2021 में 148.80 प्रतिशत रही।
साल 2021 में क्षमता से अधिक कैदियों की संख्या के मामले में महाराष्ट्र देश में सातवें नंबर पर थी। साथ ही इस रिपोर्ट में यह भी पता चला है कि साल 2021 में राज्य की कुल 60 जेलों में कैदियों की औसत संख्या 34,818 थी, जिनमें 96 प्रतिशत पुरुष और चार प्रतिशत महिलाएं थीं।