आईएस आतंकियों द्वारा जून 2014 में अगवा कर मार डाले गए 39 भारतीयों में से 38 का अवशेष सोमवार को भारत पहुंचेगा। शवों का अवशेष लेने के लिए रविवार को खुद विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह वायु सेना के विशेष विमान सी-17 से इराक के मोसुल शहर के लिए रवाना हो गए। पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक सिंह सोमवार को पहले अमृतसर फिर पटना और अंत में कोलकाता पहुंच कर परिजनों को शवों का अवशेष सौंपेगे।
हिंडन एयरबेस से इराक रवाना होने से पूर्व विदेश राज्य मंत्री ने कहा कि फिलहाल 38 शवों का अवशेष आएगा। चूंकि 39वें शव के डीएनए सहित अन्य जांच की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे में इसके लिए बाद में प्रयास किया जाएगा। सिंह ने बताया कि परिजनों को किसी प्रकार का शक न हो, इसलिए शव सौंपते समय उन्हें सबूत भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
गौरतलब है कि बीते 20 मार्च करीब चार साल बाद इन भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि संसद में की थी। दरअसल अगवा भारतीयों के मारे की पुष्टि के साथ ही भारत की ओर से मृतकों के अवशेष को लाए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। डीएनए मिलान सहित अन्य जांच पूरी होने के बाद बीते शनिवार को इराक की ओर से अवशेषों को ले जाने की हरी झंडी दी गई।
मौत की पुष्टि के बाद विवाद
अगवा भारतीयों की मौत की पुष्टि के बाद खासा सियासी विवाद हुआ। विपक्ष ने विदेश मंत्री पर लगातार चार साल तक गलतबयानी का आरोप लगाया। विदेश का सवाल था कि विदेश मंत्री को बताना चाहिए कि वह कौन से सूत्र थे, जिन्होंने इस मामले में सरकार को अंधेरे में रखा। गौरतलब है कि इस मामले में एक प्रत्यक्षदर्शी हरजीत मसीह ने उसी दौरान अगवा भारतीयों को मारे जाने की पुष्टि की थी।