मुंबई में हुए 26/11 हमले को आज 9 साल हो गए हैं, लेकिन प्रत्यक्षदर्शी आज भी वहां जो कुछ हुआ उसके बारे में प्रत्येक सेकेंड का हाल बता रहे हैं। उस दिन को याद करते हुए देविका रोतावान बताती हैं कि जब वह उस दिन को याद करती हैं तो रूह कांप जाती है। आज भी उन्हें उस अटैक का एक एक पल याद है। जब अटैक हुआ तब वह छत्रपति शिवाजी टर्मिनस पर थीं।
अचानक शुरू हुई गोलाबारी से वह काफी डर गईं थी। इस दौरान उनके पैर में गोली भी लगी थी। लेकिन किस्मत अच्छी थी कि वह इसके बावजूद वह गईं। उन्होंने बताया कि आतंकी अजमल कसाब लोगों पर गोलीबारी कर रहा था।
To the 166 lives lost...to over 239 injured...to the innumerable memories etched on the firmament forever & to Mumbai, the city which picked up its pieces & started stronger than ever - A Salute & A Bow of Gratitude from Mumbai Police! pic.twitter.com/TQrGHjewbp
— Mumbai Police (@MumbaiPolice) November 26, 2017
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बता दें कि 26 नवंबर 2008 को लश्कर ए तैयबा के कुछ आतंकी समुंद्र के रास्ते मुंबई में घुस आए थे। इस दौरान आतंकियों ने लोगों पर अचानक हमला कर दिया। इस हमले में आतंकियों ने 166 लोगों को मार गिराया था जबकि काफी संख्या में लोग घायल हो गए थे।