केंद्रीय मंत्री मंडाविया के अनुसार, इसके अलावा 30 लाख वायल प्रति महीने के अतिरिक्त उत्पादन का प्रबंध किया जा रहा है। इससे देश में रेमडेसिविर का उत्पादन 78 लाख वायल प्रति महीने हो जाएगा। इसके साथ ही सरकार ने रेमडेसिविर उत्पादकों से खुले बाजार में इसकी सप्लाई करने के बजाय अस्पतालों को प्राथमिकता देने को कहा है।
गंभीर मरीजों को ही दी जाएगी रेमडेसिविर
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के महानिदेशक डॉ. बलराम भार्गव ने मंगलवार को स्पष्ट किया था कि रेमडेसिविर का इस्तेमाल सिर्फ उन्हीं कोरोना मरीजों के लिए किया जा सकता है, जो अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर हों। सरकार ने भी राज्यों को रेमडेसिविर दवा की कालाबाजारी, जमाखोरी और ज्यादा कीमत वसूली की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। मंडाविया ने कहा कि रेमडेसिविर के उत्पादकों से एक हफ्ते के भीतर दवा की कीमत भी कम करने आग्रह किया गया है। डॉ. रेड्डीज लैबोरेटरीज, सन फार्मा, सिप्ला और जायडस कैडिला जैसी कंपनियों ने उत्पादन क्षमता बढ़ाने और कीमत करने का भरोसा दिलाया है।