केंद्र सरकार ने भूमिहीनों के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। जबकि तेलंगाना मॉडल में उन्हें ही पैसे दिए जा रहे हैं, जिनके पास कृषि योग्य भूमि है। देश में 90 प्रतिशत छोटे और मझोले किसान हैं, जिनके पास अधिकतम दो हेक्टेयर तक भूमि है। किसानों के पास 45 फीसदी सिंचित और 55 फीसदी गैर सिंचित भूमि है। उनके पास कृषि के अलावा पशुपालन आय का मुख्य जरिया है। ऐसे में सरकार से एकमुश्त सहायता मिलने से किसान उन्नत खेती के लिए प्रेरित होंगे।