बता दें कि उत्तर भारत के अधिकांश इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम होने के कारण इन क्षेत्रों में पिछले दस दिनों से शीत दिवस (कोल्ड डे) की स्थिति बरकरार थी। मौसम विज्ञान के मानकों के मुताबिक दिन के तापमान में गिरावट और रात के तापमान में मामूली बढ़ोतरी होने पर कोल्ड डे की स्थिति होती है जबकि दिन और रात के तापमान में लगातार गिरावट आने पर शीत लहर की स्थिति उत्पन्न होती है।
विभाग के राष्ट्रीय मौसम पूर्वानुमान केन्द्र ने हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, और उत्तरी राजस्थान के कुछ इलाकों में शुक्रवार से रविवार तक ‘गंभीर शीत लहर’ (सीवियर कोल्ड वेव) की चेतावनी जारी की है। जबकि इसी अवधि में बिहार, पंजाब, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तरी मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा के कुछ इलाकों में शीत लहर का प्रकोप रहेगा।
इन इलाकों में शीत लहर और गंभीर शीत लहर की स्थिति शुक्रवार शाम साढ़े चार बजे के बाद से ही उत्पन्न हो गयी। विभाग ने अगले 48 घंटे तक इस स्थिति से कोई राहत नहीं मिलने का अनुमान व्यक्त किया है। मौसम विभाग के अनुसार, ‘पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 30 दिसंबर की रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने का अनुमान है।
पश्चिमी विक्षोभ और निचले इलाकों से चलने वाली पूर्वी हवाओं के प्रभाव से 31 दिसंबर और एक जनवरी को जम्मू कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के तमाम इलाकों में तथा पूर्वी भारत में दो जनवरी को हल्की से तेज बारिश तथा ओलावृष्टि की संभावना है।
विभाग ने कड़ाके की ठंड का दौर लगातार जारी रहने के पीछे पाकिस्तान और अफगानिस्तान की ओर से हिमालयी क्षेत्र में चल रही उत्तर पश्चिमी सर्द हवाओं को मुख्य वजह बताया है। इस बीच 30 दिसंबर की रात में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता को देखते हुए दिल्ली सहित उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में 31 दिसंबर को बारिश की आशंका भी जतायी गयी है। स्पष्ट है कि कंपा देने वाली सर्दी के साथ ही नव वर्ष की शुरुआत होगी।