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LPG Carrier: होर्मुज तनाव के बीच भारत को राहत, भारतीय जहाज शिवालिक 46 हजार टन गैस लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा

Mon, 16 Mar 2026 06:00 PM IST
Himanshu Singh Chandel न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पश्चिम एशिया में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। एलपीजी टैंकर शिवालिक 46 हजार मीट्रिक टन गैस लेकर गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। यह जहाज होर्मुज से सुरक्षित होकर भारत पहुंचा। जल्द ही गैस उतारकर इसे घरेलू आपूर्ति नेटवर्क में भेजा जाएगा।
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शिवालिक - फोटो : ANI
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विस्तार
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पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर संकट के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। एलपीजी गैस लेकर आने वाला भारतीय जहाज शिवालिक सुरक्षित तरीके से गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंच गया है। इस जहाज के सुरक्षित पहुंचने को ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि हाल के दिनों में क्षेत्र में तनाव के कारण समुद्री मार्ग पर जोखिम बढ़ गया था।

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यह एलपीजी टैंकर रविवार शाम करीब पांच बजे मुंद्रा पोर्ट पहुंचा। जहाज लगभग 46 हजार मीट्रिक टन एलपीजी लेकर आया है। यह गैस भारत के घरेलू आपूर्ति नेटवर्क में भेजी जाएगी। शिवालिक एक बहुत बड़ा गैस वाहक जहाज है, जिसे शिपिंग कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया संचालित करता है। यह जहाज फारस की खाड़ी से अरब सागर को जोड़ने वाले अहम समुद्री रास्ते होर्मुज से होकर भारत पहुंचा।

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होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक माना जाता है। दुनिया भर में तेल और गैस की करीब 20 प्रतिशत आपूर्ति इसी समुद्री रास्ते से गुजरती है। इसलिए इस मार्ग पर किसी भी तरह का तनाव पूरी दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। भारत भी अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस समुद्री रास्ते पर काफी हद तक निर्भर है।

ईरान ने भारतीय जहाजों को क्यों दी अनुमति?
तनाव के बीच ईरान ने दो भारतीय जहाजों को होर्मुज से गुजरने की अनुमति दी। इनमें शिवालिक और नंदा देवी नाम के एलपीजी टैंकर शामिल हैं। दोनों जहाज करीब 92,700 मीट्रिक टन एलपीजी लेकर भारत के लिए रवाना हुए थे। अधिकारियों के मुताबिक दोनों जहाज सुरक्षित तरीके से जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़े।

भारत की ऊर्जा आपूर्ति के लिए क्यों अहम हैं ये जहाज?
भारत में घरेलू और व्यावसायिक उपयोग के लिए एलपीजी की बड़ी मांग रहती है। ऐसे में इन जहाजों का समय पर पहुंचना बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिवालिक के मुंद्रा पोर्ट पहुंचने के बाद गैस उतारने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी और इसे देश के एलपीजी वितरण नेटवर्क में भेजा जाएगा। वहीं दूसरा जहाज नंदा देवी 17 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचने की संभावना है।
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क्षेत्र में तनाव क्यों बढ़ा हुआ है?
पश्चिम एशिया में हाल के दिनों में तनाव काफी बढ़ गया है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इस्राइल ने ईरान पर सैन्य हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने जवाबी चेतावनी देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को लेकर सख्त रुख अपनाया था। इस कारण कुछ समय के लिए जहाजों की आवाजाही कम हो गई थी और कई टैंकरों ने इस रास्ते से गुजरने से परहेज किया।

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