कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। उन्होंने वीबी-जी राम जी योजना के तहत सामग्री की बकाया राशि जारी करने की मांग की है। पार्टी सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
प्रियंका गांधी वाड्रा वायनाड लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व करती हैं। उन्होंने अपने पत्र में मंत्री का ध्यान उन शिकायतों की ओर दिलाया है, जो पिछले महीने नीलांबुर में विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-ग्रामजी योजना के श्रमिकों से बातचीत के दौरान सामने आई थीं।
मोबाइल एप से हाजिरी लगाने में क्या परेशानी है?
पत्र में उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मोबाइल निगरानी प्रणाली (एनएमएमएस) एप में बार-बार बदलाव किए जा रहे हैं। इससे श्रमिकों को काफी परेशानी हो रही है। एप पर हाजिरी दर्ज करने में तकनीकी रुकावटें आती हैं। इसके कारण श्रमिकों के काम के दिन बर्बाद हो रहे हैं। कांग्रेस सांसद ने कहा कि ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें श्रमिकों को दिन में दो बार हाजिरी दर्ज करने के लिए करीब दो घंटे तक लग जाते हैं।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि इन समस्याओं की जांच के लिए दूरदराज के इलाकों में एक टीम भेजी जाए। खासकर उन जगहों पर, जहां हालात कठिन हैं। इससे एप के इस्तेमाल की समीक्षा की जा सकेगी। इसके अलावा, उन्होंने सुझाव दिया कि जहां नेटवर्क की सुविधा खराब है, वहां जानकारी दर्ज करने के लिए मस्टर रोल यानी उपस्थिति रजिस्टर का इस्तेमाल किया जाए।
महिला श्रमिकों को लेकर क्या मांग की?
प्रियंका गांधी ने पत्र में अन्य मुद्दे भी उठाए। उन्होंने जंगलों में काम करने वाली बुजुर्ग महिलाओं की बीमा राशि बढ़ाने की मांग की। ऐसे इलाकों में सांप के काटने और जंगली जानवरों के हमले का खतरा रहता है। उन्होंने यह प्रथा बंद करने की भी मांग की कि अगर कोई श्रमिक काम के दिन बीमार पड़ जाता है, तो उसे पूरी मजदूरी न दी जाए।
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वाड्रा ने आगे कहा कि कानून में बुजुर्गों, दिव्यांगों और गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे लोगों के लिए विशेष दरों का प्रावधान है। इसके बावजूद उन्हें काम पाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि पिछली रोजगार गारंटी योजना के मुकाबले नई योजना में कुशल (स्किल्ड) काम को बहुत ज्यादा अहमियत दी जा रही। वहीं, अकुशल काम की अनदेखी की जा रही है। इसको लेकर शिकायतें मिली हैं। उन्होंने कहा कि काम की संशोधित सूची में कुशल काम को ज्यादा प्राथमिकता दी जा रही है।
कॉफी की खेती को लेकर क्या मांग उठाई?
प्रियंका गांधी ने वायनाड लोकसभा क्षेत्र में कॉफी की खेती प्रभावित होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कॉफी की खेती को केवल परती जमीन तक सीमित कर दिया गया है। पत्र में उन्होंने मांग की कि मौजूदा प्रावधानों में बदलाव किया जाए। इससे कृषि भूमि और अन्य उपयुक्त जमीनों पर भी कॉफी की खेती की अनुमति मिल सके।