भारतीय सेना के सर्जिकल स्ट्राइक को उड़ी हमले में शहीद हुए जवानों के परिवार ने सुकून देने वाली कार्रवाई बताया है। गया के बोकनारी गांव के शहीद सुनील विद्यार्थी की पत्नी किरण देवी ने कहा कि इस कार्रवाई से कलेजा को ठंडक पहुंचा है। बहुत अच्छा हुआ है कि सेना की तरफ से पाकिस्तान पर हमला किया गया है।
किरण की डबडबाई आंखों में सेना की इस कार्रवाई के बाद संतोष के भाव तो दिखा लेकिन उसने यह भी कहा कि अगर ये कार्रवाई पहले हुई होती तो बेहतर होता। सुनील की बेटी आरती ने कहा कि अगर ये कदम सरकार ने पहले उठाया होता, तो शायद आज मेरे पापा भी जिंदा होते और सेना के ऑपरेशन में शामिल होते। आरती ने कहा कि जितने भी आतंकवादी देश को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं, सब का खात्मा कर देना चाहिए।
इस तरह की कार्रवाई आगे भी सेना और सरकार को जारी रहना चाहिए ताकि वहां के आंतकवादियों को वहीं पर मार गिराया जा सके। इधर, एक अन्य शहीद राकेश सिंह की पत्नी ने कैमूर में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि सेना की यह कार्रवाई पहले होनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि यह सच है कि भारत युद्ध नहीं चाहता है, लेकिन देश में शांति के लिए ऐसी कार्रवाई की बहुत दिनों से अपेक्षा और जरूरत थी। सरकार और सेना की इस कार्रवाई से हमें बल मिला है। मालूम हो कि सेना के उड़ी कैंप पर हुए हमले में बिहार के तीन बेटे शहीद हो गए थे।