स्तनपान को लेकर समाज में मौजूद धारणा को बदलना होगा। अब छह नहीं, बल्कि महिलाओं को 24 माह तक अपने बच्चों को नियमित स्तनपान कराना होगा। अगर वे ऐसा नहीं करती हैं तो उनके बच्चों को हर समय पांच बीमारियां होने का खतरा बना रहेगा। इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के मुताबिक, हमारे देश में नवजात को छह माह की अवधि तक नियमित स्तनपान नहीं कराया जाता। मौजूदा समय में 53 फीसदी महिलाएं ही छह माह तक स्तनपान की अनिवार्यता को पूरा करती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2030 तक अनिवार्य स्तनपान के 70 प्रतिशत लक्ष्य तक पहुंचाने की बात कही है। स्तनपान न कराने की वजह से 0-5 वर्ष की आयु के बच्चों को कई तरह की बीमारियां घेरने लगती हैं। आईसीएमआर के सदस्य एवं पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारी प्रो. ललित दंदोना ने बुधवार को बताया कि अब सभी महिलाओं को अपने बच्चों के स्वास्थ्य के प्रति कहीं ज्यादा सचेत होना पड़ेगा। 0-5 साल और 5-10 साल तक की आयु के बच्चों को एनीमिया, लो बर्थ रेट, बच्चों के विकास में बाधक बनने वाले तत्वों का सक्रिय होना।
पांच साल से कम आयु के बच्चों की मौत और वजन कम होना या बहुत अधिक बढ़ना, जैसी बीमारियां अपनी चपेट में ले रही हैं। इसके कई कारण हैं। पहला, बच्चे को तय मापदंडों के अनुसार, पौष्टिक आहर नहीं मिलता। कहा तो ये जाता है कि माताएं अपने बच्चों को कम से कम छह माह तक अनिवार्य तौर पर स्तनपान कराएंगी, लेकिन रिसर्च बताती है कि यह आंकड़ा अभी 50 फीसदी के आसपास ही पहुंच सका है। दूसरा, मां और नवजात को पौष्टिक आहार नहीं मिलता।
नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन, आईसीएमआर हैदराबाद की पदाधिकारी डॉ. आर हेमलथा कहती हैं, अभी मेडिकल भाषा में नियमित स्तनपान के अलावा एक और टर्म इस्तेमाल की जाती है। वह है कम्पलीमेंट्री स्तनपान। इसका मतलब है कि माताओं को छह माह तक तो अनिवार्य तौर पर स्तनपान कराना ही है, इसके अलावा उसे 6 से 24 माह तक कम्पलीमेंट्री स्तनपान भी कराना चाहिए। हमारे समाज में स्तनपान को लेकर अभी तक जितना भी प्रचार प्रसार हुआ है, उसमें छह का जिक्र ही होता रहा है।
मीडिया या सोशल मीडिया में बड़ी-बड़ी हस्तियां जब स्तनपान पर बात करती हैं तो वे भी छह माह की अवधि तक नियमित स्तनपान की सलाह देती हैं। इसका फायदा क्या हुआ, कुछ नहीं। अभी तक जब छह माह तक स्तनपान कराने का टारगेट भी नहीं हासिल किया जा सका है, तो कम्पलीमेंट्री स्तनपान जो कि 24 माह तक कराया जाना चाहिए, यह कैसे और कब पूरा हो पाएगा। यदि बच्चों को पांच बीमारियों से बचाना है तो कम्पलीमेंट्री स्तनपान बिना किसी झिझक और अनिवार्य तौर पर कराना होगा।