फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Assam: बीर लचित सेना का नेता श्रृंखल चालिहा गिरफ्तार, जबरन वसूली का आरोप

Tue, 02 May 2023 05:27 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी

सार

पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीपी सिंह ने कहा कि बीर लचित सेना के श्रृंखल चालिहा को पकड़ लिया गया है और उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
श्रृंखल चालिहा - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

असम के शिवसागर जिले में एक क्षेत्रीय संगठन के एक शीर्ष पदाधिकारी को जबरन वसूली के आरोप में गिरफ्तार किया गया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी। 

विज्ञापन


पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जीपी सिंह ने कहा कि बीर लचित सेना के श्रृंखल चालिहा को पकड़ लिया गया है और उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। चालिहा वीर लचित सेना का एक शीर्ष पदाधिकारी है, जो  कथित तौर पर राज्य के मूल निवासियों के हितों की रक्षा के लिए काम कर रहा है।

सरकार के निर्देशों को सख्ती से लागू किया जाएगा: डीजीपी
डीजीपी सिंह ने एक ट्वीट में कहा, सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम के लिए दान के नाम पर शिवसागर में जबरन वसूली करने के एक और आरोपी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया गया है और कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आगे कहा, सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए बलपूर्वक धन संग्रह करने के संबंध में सरकार के निर्देशों को असम पुलिस द्वारा सख्ती से लागू किया जाएगा।

दान देने से मना किया तो चेहरे पर थूका..
सिंह ने कहा, आरोपी और उसके समूह के कुछ अन्य सदस्यों ने पिछले सप्ताह शिवसागर जिले के एक व्यापारी से कथित तौर पर आर्थिक दान की मांग की थी। जब व्यक्ति ने यह कहते हुए उन्हें मना कर दिया कि वह पहले ही एक व्यापार संघ के जरिए अपने हिस्से का भुगतान कर चुका है, तो चालिहा ने उसे अपशब्द कहे और उसके चेहरे पर थूक दिया।
 

सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना
यह घटना दुकान के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी और तब से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही थी। पीड़ित व्यापारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर चालिहा को गिरफ्तार कर लिया गया है।  
 
विज्ञापन

मुख्यमंत्री सरमा ने दिया था यह निर्देश
मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पहले पुलिस को निर्देश दिया था कि सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर दान की मांग करने वाले किसी भी व्यक्ति या संगठन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें