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छोटे निर्यातकों के फंसे हैं 25 हजार करोड़ के रिफंड, जीएसटी रिफंड पखवाड़ा की मांग

Thu, 11 Oct 2018 04:34 AM IST
शिशिर चौरसिया, नई दिल्ली
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देशभर के निर्यातकों ने सरकार से एकबार और जीएसटी रिफंड पखवाड़ा आयोजित करने की मांग की है। निर्यातकों ने यह मांग वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली लागू होने के बाद से ही कभी जीएसटी रिफंड, तो कभी कोई अन्य दिक्कत झेलने के कारण की है। 

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निर्यातकों के अनुसार इस समय छोटे निर्यातकों के करीब 25 हजार करोड़ रुपये विभिन्न मदों में फंसे हुए हैं, शीघ्र रिफंड के लिए केंद्र सरकार सभी राज्यों को भी निर्देश दे। निर्यातकों के शीर्ष संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष गणेश कुमार गुप्ता ने अमर उजाला से बातचीत में यह जानकारी दी। 
             
गुप्ता ने कहा कि इस समय फिर से निर्यातकों की लगभग 25,000 करोड़ रुपये की राशि जीएसटी रिफंड में फंसी हुई है। इसमें से लगभग 15,000 करोड़ रुपये की राशि राज्यों के पास इनपुट टैक्स क्रेडिट के रूप में फंसी हुई है। साथ ही आठ से दस हजार करोड़ रुपये की राशि आईजीएसटी मद में अटकी हुई है, जिसका निपटारा केंद्र सरकार को करना है। उन्होंने कहा कि जीएसटी से कारोबारियों को आसानी तो हुई है, लेकिन निर्यातकों को काफी दिक्कत हुई है। 

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जीएसटी से जुड़े सभी दफ्तर हो कंप्यूटराइज्ड

फियो का कहना है कि सिर्फ केंद्र सरकार के नियंत्रण वाले दफ्तरों के कंप्यूटराइजेशन से ही काम नहीं चलेगा। जब तक राज्यों में पूरा कंप्यूटराइजेशन नहीं हो जाता है, तब तक राज्य स्तर पर दिक्कतें जारी रहेंगी। इसलिए जीएसटी से जुड़े सभी दफ्तरों का पूरी तरह से कंप्यूटराइजेशन होना जरूरी है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह राज्य के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर आईटीसी रिफंड दिलवाने में मदद करें।

मानवीय हस्तक्षेप से होती है देर
फियो का कहना है कि अभी भी कई राज्यों में रिफंड में मानवीय हस्तक्षेप से काम हो रहा है। इससे न सिर्फ देरी होती है, बल्कि कुछ गलत तरह की गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलता है। इसलिए जीएसटी नेटवर्क का अलग से एक ईडीआई प्रोसेसिंग तंत्र बने, ताकि आईटीसी रिफंड जल्द से मिल सके। 
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