संघ के शाखाओं में बढ़ोतरी की रफ्तार धीमी पड़ी है। साथ ही संघ शाखा के स्थानों में भी कमी आई है। यही नहीं संघ शाखा में न आ पाने वाले लोगों के लिए शुरू की गई संघ मंडलियों में भी गिरावट दर्ज की गई है। संघ नेतृत्व के लिए यह चिंता का सबब बनता जा रहा है।
कोयम्बटूर में संपन्न अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक में सुरेश भैय्या जी जोशी ने वर्ष भर का जो प्रतिवेदन पेश किया है उसमें पिछले वर्ष 2016 की अपेक्षा संघ शाखा के स्थानों और संघ मंडलियों में गिरावट आई है। हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में संघ की महज 326 शाखाएं ही बढ़ी हैं।
जोशी के जरिये पेश प्रतिवेदन के अनुसार वर्ष 2016 में 36867 स्थानों पर संघ की 56859 शाखाएं लगती थीं। वर्ष 2017 में 36729 स्थानों पर 57185 शाखाएं लग रही हैं। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2016 की तुलना में इस वर्ष 862 शाखा स्थानों में कमी आई है।
यही आलम मंडलियों का है। वर्ष 2016 में संघ की 8226 मंडली चलती थीं। मगर 632 मंडलियों की गिरावट के साथ वर्ष 2017 में संघ मंडलियों की संख्या 7594 रह गई है। वैसे संघ का कहना है कि अभी तक शाखा, साप्ताहिक मिलन और संघ मंडली के कामकाज को मिलाकर कुल 59216 स्थानों पर संघ का कार्य चल रहा है।