लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित होम्योपैथी चिकित्सकों की नियुक्ति में पेच फंस गया है। आयोग ने साक्षात्कार के लिए एक पद के सापेक्ष तीन अभ्यर्थियों को बुलाया, जिसे लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंच गया है। डॉ. शिवविनायक त्रिपाठी ने याचिका दाखिल कर नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती दी है। याचिका पर सुनवाई कर रही जस्टिस तरुण अग्रवाल और जस्टिस पीसी त्रिपाठी की पीठ ने लोक सेवा आयोग से नियुक्ति प्रक्रिया संबंधी दस्तावेज तलब किए हैं।
याचिका में कहा गया है कि होम्योपैथी चिकित्सकों के 177 पदों के लिए 5577 से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। नियुक्ति साक्षात्कार के द्वारा की जानी थी मगर आयोग ने एक पद के लिए मात्र तीन अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए जबकि बिना लिखित परीक्षा के भर्ती में एक पद के सापेक्ष आठ अभ्यर्थियों को बुलाया जाना चाहिए था। कोर्ट ने इस मामले में आयोग से जवाब मांगा था।
आयोग का कहना है कि साक्षात्कार से पूर्व स्क्रीनिंग के लिए एक प्रारंभिक परीक्षा ली गई थी। इसके बाद एक पद पर आठ लोगों को उनके शैक्षणिक रिकार्ड के साथ बुलाया गया है। अंतिम साक्षात्कार के लिए एक पद के सापेक्ष तीन अभ्यर्थियों को बुलाया जाएगा। कोर्ट ने आयोग को भर्ती के लिए अपनाई गई प्रक्रिया हलफनामे के माध्यम से कोर्ट के रिकार्ड पर लाने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 मई को होगी।