यूरिया के उत्पादन में बढ़ोतरी से यूरिया के आयात में लगातार कमी आ रही है। रसायन व खाद मंत्रालय के मुताबिक, वर्ष 2015-16 के दौरान यूरिया का सबसे अधिक उत्पादन किया गया। मंत्रालय का कहना है कि उत्पादन में इजाफा होने से यूरिया की मांग व उपलब्धता के अंतर में कमी आ रही है।
मंत्रालय की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2013-14 में देश में 316.9 लाख टन यूरिया की मांग थी, जबकि उत्पादन 227.15 लाख टन हुआ था। इस प्रकार वर्ष 2013-14 में 70.88 लाख टन यूरिया का आयात करना पड़ा। वर्ष 2014-15 में 306.71 लाख टन की मांग थी, जबकि उत्पादन 225 लाख टन रहा।
लेकिन वर्ष 2015-16 में यूरिया की मांग 313.35 लाख टन रही, जबकि इस साल उत्पादन 244 लाख टन रहा। मंत्रालय के मुताबिक यूरिया के उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। गोरखपुर, सिंदरी, बरौनी में बंद पड़े खाद प्लांट के फिर से चालू होने से घरेलू स्तर पर यूरिया के उत्पादन में भारी बढ़ोतरी होगी।