तमिलनाडु में एआईएडीएमके के भीतर चल रही गुटबाजी खत्म होती दिख रही है। बुधवार को एस पी वेलुमणि के नेतृत्व वाले बागी विधायक एडप्पादी के पलानीस्वामी से मिले और उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया और विधानसभा अध्यक्ष को पत्र सौंपकर एकजुट रहने का फैसला किया।
तमिलनाडु में एआईएडीएमके (AIADMK) के भीतर चल रही गुटबाजी के खत्म होने को लेकर बुधवार को संकेत मिले हैं। पूर्व मंत्री एस पी वेलुमणि के नेतृत्व में बागी विधायकों ने पार्टी प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी से उनके निवास पर मुलाकात की। इस बैठक में सभी विधायकों ने पलानीस्वामी के नेतृत्व पर भरोसा जताया और पार्टी में सुलह की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया।
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वेलुमणि के साथ लगभग 13 विधायक इस महत्वपूर्ण मुलाकात में शामिल हुए। हालांकि, पूर्व मंत्री सी वी शनमुगम इस बैठक में मौजूद नहीं थे। शनमुगम ने ही वेलुमणि और अन्य विधायकों के साथ मिलकर पहले यह मांग उठाई थी कि पार्टी को टीवीके (TVK) सरकार का समर्थन करना चाहिए। उनकी अनुपस्थिति से राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पलानीस्वामी से मिलने के तुरंत बाद वेलुमणि और उनके समर्थक विधायक विधानसभा अध्यक्ष जे सी डी प्रभाकर से मिलने पहुंचे। उनके साथ पूर्व मंत्री डॉ. सी विजयभास्कर और पलानीस्वामी के करीबी नेता एग्री एस एस कृष्णमूर्ति भी मौजूद थे। इन सभी नेताओं ने मिलकर विधानसभा अध्यक्ष को एक औपचारिक पत्र सौंपा।
इस पत्र में स्पष्ट किया गया कि पार्टी के सभी विधायक अब विधानसभा में एक ही गुट के तौर पर काम करेंगे। इसी बीच डॉ सी विजयभास्कर ने अपना वह पुराना आवेदन भी वापस ले लिया, जिसमें उन्होंने खुद को पार्टी व्हिप के रूप में मान्यता देने की मांग की थी। इस कदम से पार्टी के अंदर का पुराना तनाव अब खत्म होता नजर आ रहा है। अब सभी नेता एकजुट होकर सदन में पार्टी का पक्ष रखेंगे।