भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने ई सिगरेट समेत सभी तरह के इलेक्ट्रॉनिक निकोटीन डिलीवरी सिस्टम (ईएनडीएस) पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। आईसीएमआर का कहना है कि इनके इस्तेमाल से धूम्रपान नहीं करने वाले व्यक्तियों को भी निकोटीन की लत लग सकती है। ई सिगरेट, हीट नॉट बर्न डिवाइस, वेप, ई शीशा, ई निकोटीन वाला हुक्का व अन्य ईएनडीएस के तहत आते हैं, जिनका इस्तेमाल धूम्रपान के लिए किया जाता है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर शुक्रवार को जारी श्वेत पत्र में आईसीएमआर ने कहा, ‘ई सिगरेट भी हृदय प्रणाली पर प्रतिकूल असर डालती है। सिगरेट की तरह ही श्वसन प्रतिरक्षा सेल्स पर असर डालती है, जो गंभीर श्वसन रोग के लिए जिम्मेदार होता है। इसके इस्तेमाल से भ्रूण, नवजात और बच्चे के दिमागी विकास पर असर पड़ता है।’