चुनावी राज्य पंजाब में सिद्धू परिवार की बगावत ने भाजपा की उलझन बढ़ा दी है। पार्टी नेतृत्व की योजना नवजोत सिंह सिद्घू और उनकी पत्नी नवजोत कौर को संगठन में अहम भूमिका दे कर चुनावी वैतरणी पार करने की थी। हालांकि नवजोत कौर के इस्तीफे और पर्दे के पीछे से सिद्धू की ओर से चले जा रहे सियासी चालों ने पार्टी आलाकमान को बुरी तरह असहज कर दिया है। माना जा रहा है कि अब पार्टी नेतृत्व अंतिम विकल्प के तौर पर दलित बिरादरी से जुड़े केंद्रीय मंत्री विजय सिंह सांपला को संगठन की कमान दे सकती है।
हालांकि इस पद की दौड़ में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना और वर्तमान अध्यक्ष कमल शर्मा भी शामिल हैं।
दरअसल सिद्धू की ओर से राज्य में अकाली दल से संबंध तोड़े बिना संगठन की कमान संभालने से साफ मना करने के बाद भी पार्टी नेतृत्व ने उम्मीदों का दामन नहीं छोड़ा था। नेतृत्व ने सिद्धू के समक्ष चुनाव अभियान समिति की कमान संभालने, राज्यसभा की सदस्यता लेने या फिर खुद के बदले अपनी पत्नी को संगठन में अहम पद देने की पेशकश की थी। हालांकि बातचीत और सुलह सफाई के जारी रहते ही नवजोत ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया।
पार्टी सूत्रों ने बताया कि अब जबकि सिद्धू और उनकी पत्नी को मनाने के सारे प्रयास विफल रहे हैं, तब पार्टी नई रणनीति बनाने पर मंथन कर रहा है। इस क्रम में एक अहम सुझाव सांपला को संगठन की कमान देने की भी है। चूंकि राज्य में 30 फीसदी से अधिक मतदाता दलित बिरादरी से हैं, ऐसे में पार्टी को लगता है कि सांपला के जरिए इस वोट बैंक को साधने की कोशिश की जा सकती है। हालांकि सूत्र ने साफ किया कि फिलहाल इस पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है और इस पद की दौड़ में खन्ना और कमल शर्मा अभी भी शामिल हैं।