वाराणसी में हुए हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई जबकि 50 लोगों की मौत हो गई। प्रशासन ने इस घटना की वजह का खुलासा किया है।
वाराणसी और चंदौली के बीच यह घटना दरअसल राजघाट पुल पर हुई। सूत्रों के अनुसार राजघाट पुल पर लाखों की संख्या में बाबा गुरुदेव के समर्थक पैदल मार्च कर रहे थे। दोपहर के समय अचानक इसी पुल पर काफी भीड़ जमा हो गई।
पुलिस प्रशासन के अनुसार इन घटना के घटने की मुख्य वजह अनावश्यक रुप से भीड़ का बढ़ जाना रहा है। डीएम वाराणसी विजय किरणानंद ने कह कि इस कार्यक्रम में आने की अनुमति सिर्फ तीन हजार लोगों की थी।
लेकिन बिना प्रशासन को बताए यहां पर तीन लाख से ऊपर लोग जमा हो गए। अचानक से भीड़ का बढ़ जाना ही घटना की मुख्य वजह बनी।
मौके पर मौजूद सूत्रों का कहना है कि हालात बहुत भयावह है और मरने वालों की संख्या कहीं ज्यादा है।
जय गुरुदेव की गद्दी पर फिलहाल बाबा पंकज दास बैठते हैं। पंकज का रविवार को डुमरिया में दो दिवसीय शाकाहारी जागरूक सत्संग समागम होना है, जिसके चलते लाखों की संख्या में अनुयायी कई शहरों से वाराणसी पहुंचे हैं।
इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर घटना पर अपना दुख जताया है। प्रधानमंत्री ने लिखा है, 'अधिकारियों से बात की है और घायलों को सभी तरह की मदद करने का निर्देश दिया है।'
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस घटना पर अफसोस जताया है। उधर यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने मरने वाले के परिवार को दो-दो लाख की आर्थिक सहायता देने की बात कही।