रियल टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के दिमाग की उपज थी। इसके माध्यम से वह मंत्रालय से संबंधित सरकारी योजनाओं, संसदीय मामलों, पत्रों, फाइलों की पेंडेंसी की निगरानी करते हैं।
सरकारी योजनाओं और मंत्रालयों के कामकाज की निगरानी के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय की तर्ज पर डैशबोर्ड को अब अन्य मंत्रालय भी अपनाने का मन बना रहे हैं। इस रियल-टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड की शुरुआत सबसे पहले स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा की गई थी, जिसके माध्यम से विभाग के कामकाज की पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर शासन प्रदान किया जाता है।
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सितंबर, 2021 में शुरू होने वाला यह रियल टाइम मॉनिटरिंग डैशबोर्ड स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया के दिमाग की उपज थी। इसके माध्यम से वह मंत्रालय से संबंधित सरकारी योजनाओं, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, संसदीय मामलों, पत्रों, फाइलों की पेंडेंसी, डेटा की वास्तविक समय की निगरानी करते हैं।
कार्य आवंटन के साथ होता है शिकायत आवंटन
डैश बोर्ड के माध्यम से मंत्रालय के कामकाज का आंवटन करते समय शिकायतों को भी संबंधित अधिकारियों को टैग किया जाता है। संबंधित अधिकारी द्वारा उनका निपटारा किया जाता है। सूत्रों का कहना है कि शिकायतों के विश्लेषण से मंत्रालय को नीतिगत निर्णय लेने में भी मदद मिलती है। इसकी मदद से अधिकारी आने वाले बिलों को भी ट्रैक करते हैं।
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15 तरह के मॉड्यूल
डैशबोर्ड की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें सभी 15 मॉड्यूल के डेटा को एकीकृत किया गया है और स्वास्थ्य मंत्रालय के दायरे में आने वाली विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और संस्थानों के साथ जोड़ा गया है, जो 360 डिग्री काम पर निगरानी रखने में सक्षम है।