एक तरफ जब देश स्वतंत्रता दिवस के जश्न में डूबा था तभी एक नवजात अपनी जिंदगी की जंग नाली में लड़ रहा था। मामला चेन्नई के वलसरक्कम इलाके का है। तड़के इलाके में रहने वाली गीता के घर के पास की नाली से ही हल्की आवाज आई, गीता को लगा कि शायद कोई छोटा जानवर नाली में फंस गया है, आवाज लगातार आ रही थी गीता का मन नहीं माना, उसने नाली के भीतर झांका और उसे बाहर खींच लिया। जैसे ही गीता ने आवाज आते हुए को बाह निकाला उसके होश उड़ गए, वह कोई जानवर नहीं बल्कि एक लड़का था जिसके गले में नाल लिपटी हुई थी, ऐसा लग रहा था कि बच्चा कुछ ही देर पहले जन्मा है और उसे कोई नाली में फेंक गया है।
गीता ने तुरंत ही नाल को बच्चे के गले से अलग किया, बच्चे को नहलाया फिर अपने मोहल्ले वालों के साथ मिलकर नवजात को चेन्नई के एगमोर अस्पताल में पहुंचाया। गीता ने बताया कि बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। खबर लिखे जाने तक बच्चे की देख रेख कर रहे डॉक्टरों ने बताया कि उसकी हालत में सुधार हुआ है, और अब वह बिल्कुल ठीक है।
जाको राखे साईंया मार सके न कोए..नवजात को बचाने वाली गीता ने कहा, "मैं उसका नाम 'सुतंतिरम' (स्वतंत्रम) रखा है, क्योंकि वह स्वतंत्रता दिवस पर मिला है... मुझे खुशी है कि उसे जीने की आजादी मिल गई।"
नाली में मिले बच्चे का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। गीता ने उसे कैसे नाली से निकाला, उसे नहलाया, अस्पताल पहुंचाया और फिर अम्मा (तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता) कम्बल किट में लपेटा गया इस सारी एक्टिविटी को कैमरे में कैद किया गया और फिर उसे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया गया। वीडियो पोस्ट होने के कुछ देर बाद ही वीडियो वायरल हो रहा है। बच्चे का वीडियो वायरल होने के बाद बहुत से लोग सामने आए हैं जो उसे गोद लेना चाहते हैं वहीं नवजात को बचाने वाली गीता की भी सोशल मीडिया पर जमकर तारीफ हो रही है।