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45 लाख में एक बच्चे को अमेरिका बेचता था गिरोह, अब तक 300 का कर चुका है सौदा

Thu, 16 Aug 2018 10:21 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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मुंबई पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बच्चों की तस्करी करता था। यह रैकेट कथित तौर पर 300 बच्चों को अमेरिका भेज चुका है। इस रैकेट की शुरुआत राजूभाई गमलेवाला उर्फ राजूभाई ने 2007 में की थी। वह एक बच्चे को अमेरिका बेस्ड अपने ग्राहकों को 45 लाख रुपए में बेचता था। इन बच्चों को किस मकसद से बेचा जाता था उसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। इस रैकेट के कुछ सदस्यों को मार्च में गिरफ्तार किया गया था।

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जिन बच्चों को अमेरिका भेजा जाता था उनकी उम्र 11-16 साल के बीच है। यह सभी गरीब परिवार से हैं खासतौर से गुजरात के। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ होने पर परिवार या अभिभावक खुद उन्हें बेच देते हैं।' पुलिस ने बताया कि अमेरिका के क्लाइंट से ऑर्डर मिलने के बाद गमलेवाला अपने गैंग को निर्देश देकर एक गरीब परिवार (खासतौर से गुजरात में) को ढूंढने के लिए कहता था, जो अपने बच्चे को बेचना चाहते हों। वह उन परिवार को भी ढूंढा करता था जो अपने बच्चों के पासपोर्ट को किराए पर देते थे। 

इसके बाद विदेश भेजे जाने वाले बच्चे से मिलती-जुलती तस्वीर वाले पासपोर्ट को चुना जाता था। इसके बाद गैंग बच्चे को अमेरिका ले जाने वाले शख्स को पैसा देता था। इससे पहले पासपोर्ट वाली तस्वीर से हूबहू बच्चे की तस्वीर को मिलाने के लिए उसका मेकअप किया जाता था। जैसे ही बच्चे को ले जाने वाला शख्स वापस आता उस पासपोर्ट को वापस कर दिया जाता था। यह साफ नहीं है कि कैसे इमिग्रेशन अधिकारी बिना जांच के उसपर ठप्पा लगा देते थे। इस रैकेट का भंडाफोड़ मार्च में अभिनेत्री प्रीति सूद ने किया था।
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दरअसल, प्रीति को उनके एक दोस्त का फोन मिला था जिसमें उसने दो नाबालिगों का वर्सोवा स्टेशन पर मेकअप किए जाने की बात कही थी। प्रीति ने बताया, 'मैं वहां इस शक में गई कि लड़कियों को वैश्यावृत्ति के लिए तैयार किया जा रहा है। वेकिन वहां पहुंचने पर मुझे अहसास हुआ क यह रैकेट मेरी सोच से बड़ा है।' उन्होंने बताया कि उन्हें तीन आदमी स्टाफ को यह निर्देश देते हुए मिले कि नाबालिगों का मेकअप किस तरह से करना है। 

सूद ने आगे बताया, 'जब मैंने उनसे पूछा को आदमियों ने दावा किया कि वह बच्चों को उनके पैरेंट्स के पास अमेरिका भेज रहे हैं। मैंने उन्हें कहा कि मेरे साथ पुलिस स्टेशन चलो लेकिन उन्होंने मना कर दिया। मैं दो आदमियों को किसी तरह रोककर पुलिस को फोन करने में सफल रही। इसी बीच तीसरा आदमी बच्चियों को लेकर वहां से गायब हो गया।' सूद ने चार लोगों को गिरफ्तार करवाया जिसमें से एक सेवानिवृत्त सब-इंसपेक्टर का बेटा भी है। 

डीपीसी परमजीत सिंह दहिया ने कहा, 'इससे पहले गमलेवाला को 2007 में मुंबई में पकड़ा गया था जब वह जाली पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया था। हम उसके रैकेट तक मार्च में हुई गिरफ्तारी तक पहुंचे। पुलिस ने बताया कि वह गमलेवाला तक वाट्सएप नंबर के जरिए पहुंची।' उसे 18 अगस्त तक के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।

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