कोविड-19 महामारी के झटकों से प्रभावित रियल एस्टेट क्षेत्र में अगले छह महीनों में सुधार दिखने लगेगा। हालांकि, क्षेत्र की धारणा सितंबर तिमाही में निराशावादी बनी रही। लेकिन अगले छह महीने को लेकर परिदृश्य सकारात्मक है। इस दौरान मांग में सुधार देखने को मिल सकता है।
उद्योग निकाय फिक्की, नरेडको और संपत्ति सलाहकार कंपनी नाइटफ्रैंक के बृहस्पतिवार को जारी सर्वे के मुताबिक, जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान क्षेत्र का ‘मौजूदा धारणा स्कोर’ सुधरकर 40 अंक पर पहुंच गया। यह एक तिमाही पहले महज 22 अंक के रिकॉर्ड निचले स्तर पर था।
हालांकि, यह अब भी निराशावादी बना हुआ है। यह सर्वे रियल एस्टेट डेवलपरों, बैंकों, वित्तीय संस्थानों और निजी इक्विटी कंपनियों के लिए जारी किया जाता है। इसके मुताबिक, ‘भविष्य की धारणा का स्कोर’ पिछले तिमाही के 41 अंक से सुधरकर 52 अंक पर पहुंच गया है।
स्कोर का सूचकांक 50 से कम रहना धारणा के निराशावादी और इससे ज्यादा होना सकारात्मकता को दर्शाता है। अगर सूचकांक 50 अंक रहे तो उसे उदासीन माना जाता है।
अर्थव्यवस्था में आएगी तेजी, बेहतर होंगे हालात
सर्वे में शामिल करीब 57 फीसदी लोगों का मानना है कि अगले छह महीने में अर्थव्यवस्था में सुधार देखने को मिलेगा और यह विकास के रास्ते पर आगे बढ़ेगी। वहीं, 38 फीसदी उत्तरदाता मानते हैं कि अगले छह महीने में हालात बेहतर होंगे, जबकि 31 फीसदी ने कहा कि कर्ज की मौजूदा उपलब्धता छह महीने तक इसी स्तर पर बनी रहेगी।