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POCSO एक्ट में बदलाव पर अलग-अलग राय, जानिए क्या कहा वृंदा करात, शिवराज सिंह, सलमान खुर्शीद ने

Sat, 21 Apr 2018 08:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Child Rape - फोटो : Demo Photo
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देश में बच्चियां कितनी असुरक्षित हैं इसकी खबरें लगातार सुर्खियों में छाई हुई हैं। जम्मू कश्मीर के कठुआ से आई खबर के बाद सूरत, फिर एटा, इंदौर से लेकर छत्तीसगढ़ और मेघालय तक में बच्चियों के साथ बलात्कार के दरिंदगी की घटनाओं ने देश को हिला कर रख दिया है। इन वारदातों से देश में फैले आक्रोश के मद्देनजर केंद्र सरकार ने 12 साल से कम उम्र की बच्चियों से बलात्कार के मामले में मौत की सजा के प्रवाधान को मंजूरी दे दी है।
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केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में पॉक्सो (POCSO- protection of children against sexual offences) एक्ट में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। केंद्र सरकार के इस फैसले पर अगल-अगल राजनीतिक दलों और संस्थानों की भिन्न-भिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। 

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) नेता वृंदा करात ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए बलात्कारियों का समर्थन करनेवालों को संरक्षण देने का आरोप लगाया है। करात ने कहा, "सैद्धांतिक तौर पर माकपा मृत्युदंड के खिलाफ है। अपराध के अत्यंत दुर्लभ मामलों में मृत्युदंड का प्रवाधान पहले से ही मौजूद है। वास्तविक मुद्दा यह है कि सरकार के कुछ सदस्य बलात्कारियों का समर्थन कर रहे हैं। 'बलात्कारियों के रक्षकों' को दंड दिया जाना चाहिए।" 
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करात ने आगे कहा, "मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए सरकार यह मुद्दा लाने की कोशिश कर रही है। मैं इससे सहमत नहीं हूं क्योंकि इसकी बहुत कम विश्वसनीयता है। हम चाहते हैं कि सजा सुनिश्चित की जा सके। यह मुद्दा उन मसलों का जबाव नहीं दे पा रही है जिससे भारतीयों के दिमाग उत्तेजित हैं।" 
 

 

शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार को धन्यवाद दिया

शिवराज सिंह चौहान
मध्यप्रदेश ऐसा कानून बनाने वाला पहला राज्य है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने केंद्र सरकार को इस फैसले के लिए धन्यवाद दिया है।

चौहान ने कहा, "हमारी बेटियों की सुरक्षा के लिए यह बड़ा कदम उठाए गया है। मैं पीएम और केंद्रीय मंत्रिमंडल का धन्यवाद करता हूं। मध्य प्रदेश ने भी इस दिशा में एक कदम उठाया था। इससे अपराधियों में डर पैदा होगा और वे इस तरह के गंभीर अपराध करने से पहले सोचेंगे।" 
 

 

NCW अध्यक्ष ने माना, असल चुनौती बाकी है

रेखा शर्मा - फोटो : अमर उजाला
वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा है कि वो सरकार के इस कदम का स्वागत करती हैं।

साथ ही उन्होंने कहा, "लेकिन मुख्य चुनौती कानून को लागू करने की है। मैं अभी भी सुझाव दूंगी कि फास्ट ट्रैक कोर्ट होने चाहिए ताकि जल्द से जल्द न्याय मिल सके।"  
 

 
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सलमान खुर्शीद ने कहा- मूल कारण खोजने की जरूरत

सलमान खुर्शीद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कानून मंत्री सलमान खुर्शीद का कहना है कि न्यायपालिका के जरिये इस मुद्दे को सुलझाने में बहुत मदद नहीं मिलने वाली, इस समस्या की जड़ का समाधान करना होगा।

उन्होंने कहा, "यह एक संवेदनशील मुद्दा है और हाल में हुई घटनाएं शर्मनाक हैं। सरकार को अपने फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए। हमें ऐसे अपराधों के मूल कारण को खोजने की जरूरत है क्योंकि न्यायपालिका सिर्फ एक सीमा तक ही मदद कर सकती है।" 
 

 
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