उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुजरात के जवानों पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि सीमा पर यूपी, एमपी, बिहार और दक्षिण भारत के जवान ही क्यों शहीद होते हैं? गुजरात के जवान क्यों शहीद नहीं होते?
इसका जवाब अब गुजरात के शहीद परिवारों ने दिया है। करगिल युद्ध में 1999 में शहीद होने वाले मुकेश राठौड की पत्नी राजश्री ने कहा कि अखिलेश के बयान से आहत हूं। देश के जवान किसी एक राज्य के नहीं बल्कि वह पूरे देश से संबंधित होते हैं।
राजश्री उस वक्त पांच महीने की गर्भवती महिला थी जब उनके पति शहीद हुए थे। लेकिन आज उकना बेटा 17 वर्ष का है। आंखो में आंसूओं के साथ मुकेश की मां समजूबेन राठौड़ ने कहा 'हमारे दर्द को वहीं समझ सकते हैं जिन्होंने अपने बेटे, भाई पिता और पति को खोया है। मेरा बेटा भी गुजरात के उन 13 शहीदों में से एक था जो कारगिल युद्ध में देश के लिए शहीद हो गए थे।'
गुजरात से ताल्लुक रखने वाले 20 जवानों ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी कुर्बानी को देश के नाम किया। वहीं भारत की सीमा की रक्षा करते हुए 24 जवान शहीद हो चुके हैं।
1987 में सियाचीन ग्लेशियर में पाकिस्तानी जवानों से जंग में शहीद हुए कैप्टन निलेश सोनी के 65 वर्षीय भाई जगदीश सोनी ने कहा कि अखिलेश के बयान से दुख हुआ कि अब शहीदों को राज्यों के आधार पर बांटा जा रहा है।'
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक 31 मार्च 2017 को गुजरात में 26, 656 पूर्व सैनिक थे। वहीं गुजरात के 39 जवानों को बहादुरी के सम्मान दिया गया।