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मिलिए महात्मा गांधी के पोते से, जो हो सकते हैं विपक्ष के राष्ट्रपति उम्मीदवार

Thu, 11 May 2017 05:32 PM IST
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला
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गोपालकृष्ण गांधी - फोटो : Indian Express
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भारत देश का अगला राष्ट्रपति कौन होगा, इसपर कयासों का दौर जारी है। इसी कड़ी में विपक्ष की ओर से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर गोपालकृष्ण गांधी का नाम सामने आ रहा है। गोपालकृष्ण गांधी पूर्व राजनयिक रहे हैं, साथ ही वो राज्यपाल पद भी संभाल चुके हैं।
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गोपालकृष्ण गांधी का जन्म 22 अप्रैल 1945 को महात्मा गांधी के सबसे छोटे बेटे देवदास गांधी और सी राजगोपालाचारी की पुत्री लक्ष्मी के घर हुआ था। गोपालकृष्ण गांधी ने नई दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से अंग्रेजी लिटरेचर में मास्टर्स की पढ़ाई की है।

गोपालकृष्ण गांधी साल 1968 से 1992 तक आईएएस अधिकारी रहे हैं। साल उन्होंने 1992 में उन्होंने आईएएस से वालंटियरी रिटायरमेंट ले लिया। इस दौरान उन्होंने तमिलनाडु में रहते हुए तमाम पदों पर काम किया। गोपालकृष्ण गांधी साल 1985 से 1987 तक देश के उपराष्ट्रपति के सचिव भी रहे हैं। यही नहीं, वो 1987 से 1992 तक राष्ट्रपति के संयुक्त सचिव और साल 1997 में राष्ट्रपति के सचिव भी रहे हैं।
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गोपालकृष्ण गांधी इंग्लैंड के भारतीय हाई कमीशन में मंत्री(कल्चर) रहने के अलावा लंदन नेहरु सेंटर के निदेशक भी रह चुके हैं। साल 1996 में वो दक्षिण अफ्रीका में भारत के हाई कमिश्नर रहे हैं। इस दौरान वो काफी पॉपुलर रहे। गोपालकृष्ण गांधी लेसोथो में भी भारत के हाई कमिश्नर रहे हैं। इसके अलावा वो साल 2000 में श्रीलंका में हाई कमिश्नर रह चुके हैं। यही नहीं, वो साल 2002 में नॉर्वे में भारत के अंबेसडर भी रह चुके हैं। इसके अलावा वो आईसलैंड में भी भारत के अंबेसडर रह चुके हैं।

गोपालकृष्ण गांधी साल 2004 से 2009 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के पद पर भी रह चुके हैं। ऑउटलुक की रिपोर्ट के मुताबिक वो राज्यपाल रहते हुए बंगाल के ग्रामीण इलाकों की यात्रा किया करते थे। साथ ही उन्होंने नंदीग्राम हिंसा की भी निंदा की थी।

गोपालकृष्ण गांधी लेखक भी हैं। उन्होंने विक्रम सेठ की किताब ‘ए सूटेबल बॉय’ का हिंदी अनुवाद किया है। साथ ही श्रीलंका में तमिल मजदूरों पर उपान्यास भी लिख चुके हैं। यही नहीं, उन्होंने दारा शिकोह पर आधारित नाटक भी लिखा है। वो साल 2014 में नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बीजेपी की जीत के बाद भी चर्चा में आए थे, जिसमें उन्होंने नरेंद्र मोदी को ओपन लेटर लिखा था।
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