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कोर्ट ने दिया आदेश तो CBSE ने रात 10 बजे ईमेल पर छात्रों को भेजे फॉर्म, कहा 'दो घंटे में भरकर भेजें'

Sun, 11 Jun 2017 04:02 PM IST
amarujala.com- Presented by: संदीप भट्ट
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सीबीएसई की कक्षा 12वीं की परीक्षा देने वाले कुछ छात्रों के लिए शुक्रवार 9 जून की रात जैसे कभी न खत्म होने वाली रात थी। इन छात्रों ने रिजल्ट में खामी की शिकायत करते हुए री-इवैलुएशन की मांग की थी।
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ओडिशा हाई कोर्ट में 18 छात्रों ने अपनी कॉपियां री-इवैलुएट करने को लेकर एक याचिका दायर की थी। इस याचिका पर हाई कोर्ट ने सीबीएसई को आदेश दिया कि वह शनिवार तक उनकी कॉपियां री-इवैलुएट कर रिजल्ट घोषित करे, लेकिन इस आदेश का पालन जिस तरह से किया उससे छात्र परेशान हो गए। 

टाइम्स ऑफ इंडिया की एक खबर के मुताबिक हाईकोर्ट ने बीते सात जून को सीबीएसई को आदेश दिया था। शुक्रवार शाम को छात्रों को सीबीएसई के भुवनेश्वर स्थित ऑफिस से फोन आने लगे। इन फोन में छात्रों से कहा  गया कि वे अपना ईमेल देखें जिसमें उन्हें एक पेपर भेजा गया है।
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इसके साथ ही उन्हें बताया गया कि जिन पेपर की कॉपी वह री-इवैलुएट कराना चाहते हैं उससे संबंधित 10 सवालों के जवाब  दें। यह काम उन्हें शुक्रवार रात 12 बजने से पहले पूरा करने के लिए कहा गया। कुछ छात्रों को यह काम पूरा करने के लिए बमुश्किल कुछ ही घंटे मिले। 
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ईमेल खोला था छात्रों के उड़े होश

छात्रों को जो ईमेल आया था उसमें उनकी उत्तर पुस्तिका और एक फॉर्म अटैच था, जिसमें उन्हें संबंधित विषय के जवाब देने थे। पहले तो कुछ छात्रों को लगा कि फोन कॉल फर्जी है, लेकिन फिर जब उन्होंने अपना ईमेल खोला तो उनके होश उड़ गए। उन्हें ईमेल में भेजे गए फॉर्म को डाउनलोड करना था और उनमें आंसर लिखकर उसे स्कैन कर ईमेल पर ही भेजना था।

इसके साथ ही उनकी एक हार्ड कॉपी भी सीबीएसई दफ्तर में भेजनी थी। जब तक छात्रों को इसकी सूचना मिली शहर के कई साइबर कैफे बंद हो चुके थे जिसके चलते शनिवार सुबह वह अपने फॉर्म लेकर सीबीएसई के दफ्तर में जमा कराने पहुंचे, जहां उनके फॉर्म्स स्वीकार कर लिए गए।

एक छात्र के पिता विश्वराजन मोहंती ने बताया, 'मैं कुछ काम से विशाखापत्तनम गया हुआ था। मुझे रात 10 बजे के करीब सीबीएसई ऑफिस से एक फोन कॉल आया, जिसमें उन्होंने 9 बजे के
आस-पास भेजे गए ईमेल के बारे में बताया। मैं इंटरनेट कैफे गया और मेल चेक किया। मैं तय समयसीमा के अंदर अपनी बेटी का फॉर्म जमा नहीं कर पाया। देर रात मैं कैब से अपनी बेटी के
साथ भुवनेश्वर गया। सीबीएसई ने सुबह हमारा फॉर्म स्वीकार कर लिया, लेकिन तब तक बनी रही अनिश्चितता की स्थिति के कारण परेशान रहा।'

मोहंती की तरह ही कई पैरंट्स को देर रात ट्रेन या अन्य साधन लेकर सुबह सीबीएसई के दफ्तर पहुंचना पड़ा। आधिकारिक सूत्रों ने बतााया कि री-इवैलुएशन के काम के लिए करीब दो दर्जन
परिक्षक को लगाया गया है, जिनका नेतृत्व दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों की टीम कर रही है।
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