भारतीय रिजर्व बैंक ने डिजिटल पब्लिक क्रेडिट रजिस्ट्री (पीसीआर) का बड़ा आधार स्थापित करने के लिए टीसीएस, विप्रो व आईबीएम इंडिया समेत छह प्रमुख कंपनियों को चुना है। आरबीआई ने यह कदम सभी कर्ज दाताओं व विलफुल डिफॉल्टर्स की जानकारी पाने के उद्देश्य से उठाया है।
प्रस्तावित पीसीआर में बाजार नियामक सेबी, कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय, जीएसटी नेटवर्क व भारतीय दिवालिया एवं दिवालियापन बोर्ड (आईबीबीआई) जैसे संगठनों का डाटा भी शामिल होगा। इससे बैंक को वास्तविक समय में मौजूदा व भावी कर्जदारों की पूरी प्रोफाइल मिल सकेगी।
आरबीआई ने कहा कि 27 अक्तूबर,2018 के एक्प्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (ईओआई) के दौरान उसे कई प्रोमोटरो से पूर्ण समाधान के लिए पीसीआर को लागू करने का आवेदन प्राप्त हुआ था। आरबीआई ने सभी प्रोमटरो की प्रक्रिया जानने के बाद छह आईटी कंपनियों को चुनने का निर्णय लिया है। इसमें से कैपजेमिनी टेक्नोलॉजी सर्विसेज इंडिया, डन एंड ब्रैडशीट इन्फॉर्मेशन सर्विसेज इंडिया व माइंडट्री लिमिटेड भी शामिल हैं।