दृष्टिबाधितों को अब करेंसी को पहचानने में दिक्कत नहीं होगी। इनकी सुविधा के लिए रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने बुधवार को एक एप लॉन्च किया है, जिसका नाम है मोबाइल एडेड नोट आईडेंटिफायर (एमएएनआई)। यह मणि एप एंड्राइड प्ले स्टोर और आईओएस एप स्टोर से मुफ्त में डाउनलोड किया जा सकता है। हालांकि यह एप असली और नकली नोट में फर्क नहीं बता पाएगा। इस एप की खासियत है कि एकबार इसे डाउनलोड कर लेने के बाद इसके इस्तेमाल के लिए इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी।
आरबीआई की ओर से बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि भारतीय बैंक नोट में कई तरह की विशेषता होती है। जिसे दृष्टिबाधित लोग आसानी से पहचान सकेंगे। इसमें मुहर की छपाई, स्पर्श चिह्न, परिवर्तनीय बैंक नोट का आकार, बड़े नंबर, परिवर्तनीय रंग और एकरंगा पैटर्न आदि शामिल होते हैं। इसके अलावा यह एप महात्मा गांधी सीरीज और महात्मा गांधी नई सीरीज के नोट को भी पहचानने में सक्षम होगा। इसके अलावा मुड़े हुए नोट को पहचान सकता है। एप की यह भी खासियत है कि इसे इसे आवाज से भी नियंत्रित किया जा सकता है।